REWA : एएसपी और थाना प्रभारी ने ऐसा क्या कर दिया कि उन्हें अब जुर्माना भरना होगा


रीवा। राज्य सूचना आयोग ने पुलिस के दो अधिकारियों पर सूचना का अधिकार अधिनियम की अवेहलना किए जाने के आरोप में जुर्माना लगाए जाने का नोटिस जारी किया है। मामला वर्ष 2017 का है, जब बैकुंठपुर थाने में दर्ज एक मामले के एफआइआर की कापी पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मांगी गई थी। गोंदरी निवासी अनिल सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत यह आवेदन लगाया था।

इस पर बैकुंठपुर थाने की ओर से सूचना दी गई थी कि किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज मामलों की जानकारी दूसरे को नहीं दी जा सकती। थाने में दर्ज एफआइआर को किसी की व्यक्तिगत जानकारी बताई गई थी।

इस पर राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने आडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए रीवा के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार सिंह और बैकुंठपुर के तत्कालीन महेन्द्र पाण्डेय की लापरवाही मानते हुए धारा 20 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जिसमें पूछा गया है कि वह अपने बचाव में जवाब प्रस्तुत करें। आयुक्त ने सुनवाई के दौरान यह नाराजगी भी जाहिर करते हुए कहा कि थाने में दर्ज मामला किसी की व्यक्ति सूचना या संपत्ति नहीं मानी जा सकती। यह जनता को न्याय और सुरक्षा देने के लिए होता है।

उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारी यदि ठोस जवाब प्रस्तुत नहीं करेंगे तो उन पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इस मामले में तत्कालीन एएसपी आशुतोष गुप्ता को भी आयोग ने तलब किया था।

जिस पर उन्होंने बताया कि वह उस दौरान रीवा में पदस्थ जरूर थे लेकिन संबंधित मामले में लोक सूचना अधिकारी दूसरे एएसपी शिवकुमार सिंह थे। इसलिए गुप्ता को मामले से मुक्त करते हुए आयोग ने शिवकुमार पर जिम्मेदारी तय की है।

रीवा जिले के एक मामले में तत्कालीन एडिशनल एसपी की लोक सूचना अधिकारी के रूप में भूमिका सही नहीं पाई गई है। साथ ही तत्कालीन थाना प्रभारी का जवाब भी संतोष जनक नहीं रहा है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान दोनों को जुर्माने का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनके जवाब आने के बाद अगली कार्रवाई तय होगी।

राहुल सिंह, राज्य सूचना आयुक्त
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