MP : राजधानी में 116 साल की वृद्धा ने कोरोना को दी मात, तालियां बजाकर अस्‍पताल से किया विदा

भोपाल । कोरोना वायरस चाहे कितना ही खतरनाक क्‍यों न हो और नए-नए रूप बदल रहा हो, लेकिन यदि व्‍यक्ति की जिजीविषा मजबूत हो तो इसे भी हराया जा सकता है। इस बात को एक बार फ‍िर साबित किया है राजधानी भोपाल के बावड़िया कलां निवासी 116 साल की शिवा देवी श्रीवास्तव ने, जिन्‍होंने कोरोना को मात दी है। वह भोपाल ही नहीं संभवत: प्रदेश में सबसे ज्यादा उम्र की कोरोना से संक्रमित मरीज होंगी, जिन्‍होंने इसे हराने में कामयाबी पाई है। वृद्धा की हालत ऐसी है कि अब उनकी ठीक से आवाज भी नहीं निकल रही है। हकलाती आवाज में उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि वह 116 साल की हैं।

उनका इलाज करने वाले चिरायु अस्‍पताल के डॉ. अनिकेत गोयनका ने बताया कि वह 17 दिसंबर से अस्पताल में भर्ती थीं। उनके बेटे शिव नारायण श्रीवास्तव व परिवार के अन्य लोग भी संक्रमित हैं। वह भी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉ. गोयनका ने बताया कि शिवा देवी को बीपी, डायबिटीज या दूसरी कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। कोरोना को मात देने की यह बड़ी वजह है। घर रवाना होते वक्त अस्‍पताल के स्‍टाफ ने विदाई के वक्‍त उनके लिए तालियां बजाईं और उन्होंने भी सभी डॉक्टर-नर्स को दिया।

गांधी-नेहरू क्‍या, जॉर्ज पंचम को भी जानती हूं

चिरायु अस्पताल में कोरोना को मात देकर घर जा रहीं 116 साल की शिवा देवी श्रीवास्तव से डॉक्टरों ने पूछा कि दादी आप गांधी-नेहरू को जानती हो क्या? इस पर वृद्धा ने कहा कि गांधी-नेहरू ही नहीं, मैं तो जार्ज पंचम को भी जानती हूं। अस्पताल से निकलते वक्त उनके स्वागत में डॉक्टर-नर्स ने खूब तालियां बजाई। विदाई के वक्त सौ से ज्यादा डॉक्टर-नर्स दो कतार में मौजूद थे।

वृद्धा से पूछा कि कुछ बोलना चाहती हैं क्या? उस पर उन्होंने कहा बस, सभी को आशीर्वाद है। वृद्धा के पोते पराग श्रीवास्तव ने कहा कि आधार कार्ड के अनुसार दादी की उम्र 101 साल है, हालांकि हकीकत में वह इससे ज्यादा उम्र की हैं। डॉक्टरों ने बताया कि शिवा देवी का निमोनिया दूसरी स्टेज पर पहुंच गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, इसलिए ऑक्सीजन पर रखा गया था। वहीं भोपाल में शनिवार को 187 कोरोना संक्रमित मिले।

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