REWA : कलेक्टर ने कसी मातहतों की चूड़ी : CM हेल्प लाइन की शिकायतों को भी किया जा रहा नजरंदाज, 7000 से ज्यादा केस पेंडिंग


रीवा. CM Helpline की शिकायतों को भी किया जा रहा नजरंदाज। आलम यह कि सीएम हेल्प लाइन पोर्टल पर 4000 केस पेंडिंग हैं। सीएम हेल्प लाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के प्रति लापरवाही को कलेक्टर इल्लैयाराज टी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि सीएम हेल्पलाइन के आवेदन पत्रों पर तत्काल कारवाई करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

बताया जा रहा है कि ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, संस्थागत वित्त विभाग तथा नगर निगम में तो जैसे सीएम हेल्प लाइन पोर्टल को पूरी तरह से नकार दिया हो। आलम यह कि सीएम हेल्पलाइन में लेवल-1 में 3 हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं। इसी तरह लेवल-4 पर लगभग 4 हजार प्रकरण लंबित हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन विभागों के लेवल-4 के अधिकारी संचालनालय स्तर पर हैं वहां प्रकरणों पर कारवाई करके व्यक्तिगत रूप से लेवल-4 के अधिकारी के पास जाकर सारे मामले अविलंब निस्तारित कराएं।

कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन तथा जनाधिकार के एजेंडा बिंदुओं से संबंधित आवेदन पत्रों पर भी ध्यान दें। सीएम हेल्पलाइन में जिन विभागों के दस से कम आवेदन पत्र लंबित हैं वे भी निराकरण में तत्परता दिखायें। महत्वपूर्ण आवेदन पत्रों को ही समय सीमा में दर्ज किया जाता है। इन पर तय समय सीमा में कारवाई करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। फसल बीमा योजना तथा फसल ऋण माफी योजना के भी कई आवेदन पत्र लंबित हैं। कृषि तथा सहकारिता विभाग इनका निराकरण करें। सड़कों के सुधार के लिए 30 नवंबर तक की समय सीमा शासन द्वारा तय की गई थी। यदि क्षतिग्रस्त सड़कें सुधार के लिए शेष हैं तो उनमें तत्काल सुधार कार्य कराए। बैठक में कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण ने बताया कि 215 किलो मीटर लम्बाई की क्षतिग्रस्त सड़कों में सुधार का कार्य किया गया है।

कलेक्टर ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के तहत जिले में 6501 दावे अमान्य किए गए थे। इन्हें वनमित्र पोर्टल पर 25 दिसंबर तक जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण दर्ज कराए। इनकी सुनवाई के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत तथा विकासखण्ड स्तर पर समितियां गठित करके मान्य दावों के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी विधानसभा प्रश्नों का तत्काल उत्तर दर्ज कराए। नगर निगम तथा हाउसिंग बोर्ड स्वीकृत एवं पूर्ण निर्माण कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। आयुक्त नगर निगम अवैध होर्डिग्स तथा विज्ञापन हटाने की कारवाई जारी रखें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, होटल तथा दुकानों में खाद्य पदार्थों के नियमित रूप से नमूने लेकर उनकी जांच कराए। अमानक तथा दूषित खाद्य पदार्थ बेंचने वालों पर कड़ी कारवाई करें।

कार्यपालन यंत्री विद्युत मंडल औद्योगिक क्षेत्र बिछिया में बिजली लाइनों में सुधार का कार्य तत्काल कराए। यहां आयुक्त नगर निगम अतिक्रमण हटाने की कारवाई करें। जिला खाद्य अधिकारी खाद्य सुरक्षा योजना के सभी हितग्राहियों का शत-प्रतिशत सत्यापन करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्य स्थलों में प्रदूषण नियंत्रण माध्यन्ह भोजन योजना, किसान सम्मान निधि, गौशालाओं के निर्माण, खाद्यान्ना वितरण तथा पेंशन वितरण के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।

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