REWA : कलेक्ट्रेट में बाबुओं की मनमानी से किसान परेशान, मोबाइल पर मैसेज नहीं पहुंचने की जानकारी को लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट



रीवा. कलेक्ट्रेट में सोमवार को किसान केन्द्र बदलवने और मोबाइल पर मैसेज नहीं पहुंचने की जानकारी को लेकर पहुंचे। नियंत्रक के आने का इंतजार कर रहे थे। कुछ किसान कार्यालय के उपर्जान शाखा के बाबुओं की मनमानी को कोस रहे थे। इस बीच जिला खाद्य नियंत्रक एमएनएच खान टीएल बैठक में व्यस्त रहे। कार्यालय के भीतर और बाहर किसान नियंत्रक के आने का इंतजार कर रहे थे। 

खाद्य शाखा के बाबुओं की मनमानी से परेशान 
खाद्य शाखा में केन्द्र बदलवाने का आवेदन लेकर पहुंचे किसान खाद्य शाखा में उपार्जन केन्द्र के प्रभारी की टेबल पर बाबू से कहा साहब केन्द्र पर किसानों की भीड़ बढ़ गई है। दूसरे केन्द्र पर ट्रांसफर कर दिया जाए। कई दौरान कई किसानों को बाबुओं की बदसलूकी का शिकार होना पड़ा। कार्यालय में बाबुओं की मनमानी इस कदर रही कि किसानों के आवेदन जमा करने के बजाए नियंत्रक कार्यालय में भेज रहे थे। नियंत्रक के कक्ष की कुर्सी खाली होने पर किसान दोबारा बाबू की टेबल पर पहुंचे तो फटकार तक सुननी पड़ी। जिससे आजिज आए दर्जनों की संख्या में किसान खाद्य शाखा के बाहर रेलिंग की दीवार से सटकर बैठे रहे। ये कहानी अकेले एक दिन की नहीं आए दिन रहती है।

मैसेज की जानकारी के लिए पहुंचे किसान 
उपार्जन शाखा के बाबुओं के मुताबिक 70 हजार से अधिक किसानों को मैसेज भेजा जा चुका है। शुरूआत में कुछ किसान बेचने से वंचित रह गए थे। अभी 1600 किसानों को मैसेज जाना बाकी है। जल्द ही वह भी भेज दिया जाएगा। दोबारा मैसेज कराने के लिए आ रहे हैं। दोपहर सुशील कुमार पांडेय निवासी बघरा ने आवेदन देकर कहा कि साहब अभी तक मैसेज नहीं आया है। माता की तबियत खराब है। इलाज के लिए नागपुर ले जाना चाहता हूं। बड़ागांव खरीद केन्द्र से हरदुआ केन्द्र पर तौल करना चाहता हूं। माता की तबियत खराब होने के कारण बड़ागांव केन्द्र पर तौल करने में असुविधा हो रही है। 

23 लाख क्विंटल से हो चुकी तौल
जिले में खरीद केन्द्रों पर 28 दिसंबर तक 46 हजार से अधिक किसान पहुंचे। 23 लाख क्विंटल से ज्यादा धान की तौल हो चुकी है। खरीद केन्द्रों पर किसानों की लंबी कतार लगी है।

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