REWA : कड़ाके की ठंड से कंपा रीवा जिला : 4.5 डिसे पर पहुंचा पारा

रीवा। सोमवार की सुबह सूर्य देवता ने दर्शन तो दिया लेकिन खिली धूप के बीच शीतलहर से आम जनजीवन कपकपता हुआ दिखाई दिया। तापमान में हुई गिरावट के बीच पूरा जिला ठिठुरता हुआ दिखाई दे रहा है। सोमवार की सुबह सूर्य देवता ने दर्शन दिया धूप भी खिली लेकिन चल रही शीतलहर बदन में सिरहन पैदा करती देखी जा रही थी । ठंड के आगोश में जिले का तराई अंचल इस कदर प्रभावित है कि किसान खेतों में पानी लगाने के दौरान ठंड के शिकार हो रहे हैं। बढ़ती हुई ठंड एवं गिरते हुए पारे को देखते हुए जिले के स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से बचाव के तरीके व ठंड लगने पर किए जाने वाले उपायों को जनहित में जारी कर लोगों को ठंड से बचने की अपील की है।

वापस लौटी ठंड : चार दिन पूर्व तापमान में वृद्धि देखी गई थी लेकिन जिले में लगातार पारे में गिरावट होती देखी गई है । जहां रात का तापमान न्यूनतम 4.5 रहा है वहीं अधिकतम तापमान सोमवार की दोपहर 19.9 मापा गया है। पारे में आई गिरावट के बाद एक बार फिर लोगों को ठंड लगने की चिंता सता रही है।

अलाव का सहारा : जिला सहित जिले के तराई के अंचल में इन दिनों ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा ले रखा है। लोगों का कहना है कि इस वर्ष तकरीबन 29 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और लगातार दिसंबर महीने में पडी रही ठंड अमूमन जनवरी के पहले सप्ताह में पडती थी । ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है।

रात में कोहरा : जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच कोहरे का असर रात में ज्यादा दिखाई दे रहा है। हालांकि सुबह होने पर सूर्य देवता के दर्शन हो रहे हैं लेकिन सूर्य देवता की गर्माहट भी नाकाफी महसूस हो रही है। कोहरे का असर ट्रेन व सड़क मार्ग में चलने वाले वाहनों पर सहज ही देखा जा सकता है।

जगह-जगह जलते रहे अलाव : कोहरा बादल और ओस के बीच बढ़ी ठंड से बचने के लिए लोग अलाव जलाकर अपने शरीर को गर्म करते हुए नजर आए। कोठी कंपाउंड में स्थित मंदिरों के आसपास, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व अस्पताल में अलाव जल रहा था। कई स्थानों पर लोग कागज और प्लास्टिक की थैलियां जलाकर अपने शरीर को गर्म करते देखे गए।

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