मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक हुआ पारित : 10 वर्ष के कारागार साथ एक लाख रुपए तक होगा जुर्माना

भोपाल। लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को शिवराज कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्तावित कानून के प्रविधानों को अंतिम रूप दिया गया। वहीं अब विधेयक को 28 दिसंबर से प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जायेगा।

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बताते चले की इससे पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में भी धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रस्तुत किया गया था लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया था। मुख्यमंत्री ने ये कहते हुए प्रस्ताव पर शनिवार को विचार करने के लिए कहा था कि कुछ महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं। इन पर विचार करके मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं आज विधेयक को शिवराज कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।

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गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने लव जिहाद विधेयक को लेकर जानकारी दी। सजा के प्रावधानों को बारे में बताया। मंत्री ने कहा कि सरकार ने लव जिहाद कानून को कठोर बनाने की कोशिश की गई है। प्रस्तावित विधेयक में अधिनियम का उल्लंघन करने पर अधिकतम दस साल सजा और पचास हजार रुपये अर्थदंड का प्रविधान किया गया है। इसके साथ ही अपराध गैर जमानती होगी। माता-पिता, भाई-बहन की शिकायत के अलावा न्यायालय की अनुमति से मत परिवर्तित व्यक्ति से संबंधित (रक्त, विवाह, दत्तक ग्रहण, अभिरक्षा में हो) व्यक्ति की शिकायत पर जांच होगी।

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