MP : रीवा सहित प्रदेश के नौ जिले राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सेदारी, खानपान की स्वच्छता और गुणवत्ता पर तय होगी शहर की रैंकिंग


रीवा। खाने से जुड़ी वस्तुओं की स्वच्छता और शुद्धता मानकों के अनुरूप स्थापित करने के लिए सरकार ने देशभर के चिन्हित जिलों में 'ईट राइट चैलेंज' अभियान शुरू किया है। देश के 150 जिलों में शुरू की गई इस प्रतियोगिता में रीवा सहित प्रदेश के नौ जिले शामिल हो रहे हैं। इसके लिए संबंधित जिला प्रशासन को टास्क दिए गए हैं, उसके अनुसार कार्य करने पर शहर को अंक मिलेंगे।

टास्क के कई कार्य आनलाइन ही सत्यापित किए जाएंगे लेकिन कुछ ऐसे कार्य हैं जिनका सत्यापन करने के लिए टीम भेजी जाएगी। शहरों में जिस तरह से स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद रैंकिंग निर्धारित की जाती है, उसी तरह से ईट राइट चैलेंज की भी रैंकिंग तय होगी।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा रैंकिंग किए जाने के बाद टाप-10 जिलों को सरकार की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। जिसमें नए प्रोजेक्ट भी शामिल होंगे। साथ ही अन्य शहरों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार की दूसरी कई कैटेगरी भी निर्धारित की गई हैं।

रीवा में अभी कुछ टास्क पूरे करने का कार्य प्रारंभ हुआ है। अभी विभागीय स्तर पर ही प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही जनता के बीच जागरुकता के अभियान भी शुरू किए जाएंगे। प्रतिस्पर्धा की इस रैंक में शामिल होने वाले शहरों को मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं बनाने के लिए 31 मार्च 2021 तक का समय दिया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से बजट आवंटन में लेटलतीफी की वजह से रीवा की तैयारियां अभी कमजोर बताई जा रही हैं।

मिलावट से मुक्ति का अभियान प्रतियोगिता का हिस्सा

रीवा सहित प्रदेश के अन्य शहरों में मिलावट से मुक्ति के लिए अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए सरकार ने विशेष वाहन दिए हैं, जिसके तहत जगह-जगह जाकर सेंपल लिए जा रहे हैं। यह कार्य राज्य सरकार के कामकाज का हिस्सा है लेकिन ईट राइट चैलेंज में इसका भी टास्क है जिसके लिए अंक मिलेंगे, इसलिए अब प्रशासन ने टास्क के अनुरूप काम करना प्रारंभ किया है। साथ ही खाद्य सामग्री बनाने और बेचने वालों से लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन लेने के लिए कहा गया है। रीवा जिले में अब तक ५५० व्यवसाइयों ने लाइसेंस लिया है और करीब साढ़े पांच हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनकी संख्या बढ़ाने का भी टास्क मिला है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले व्यवसाइयों पर जुर्माना लगाने पर भी अंक मिलेंगे।

प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए ये तैयारियां होंगी

शहर के विशेष पकवानों की ब्रांडिंग करनी होगी। गुणवत्ता के अनुसार मिलेंगे अंक।

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, खाद्य सामग्री के रिटेल कारोबार आदि के रजिस्ट्रेशन बढ़ाने पर नंबर मिलेंगे।

लाइसेंसिंग, निगरानी और खाद्य सामग्री के सेंपल लेने की गतिविधियों को भी स्पर्धा में शामिल किया गया है। इन सबके लिए भी नंबर तय किए गए हैं।

क्लीन स्ट्रीट फूड हब और सेफ भोग प्लेस को भी स्पर्धा का हिस्सा बनाया गया है। क्लीन स्ट्रीट फूड हब के तहत शहर की कोठी कंपाउंड चौपाटी की तरह अन्य स्थान विकसित किए जाएंगे।

उपभोक्ताओं में स्वच्छ और सुरक्षित खाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इसमें मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से खाद्य पदार्थों की जांच से लेकर अन्य जागरुकता कार्यक्रम शामिल हैं।

दक्षता बढ़ाने के लिए होटल, रेस्टोरेंट सहित आटा-दाल आदि खाद्य सामग्री के व्यापारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। फूड कारोबारियों के लिए भी गुणवत्ता रेटिंग रखी गई है। उन्हें भी अलग से नंबर देकर बेहतर खाद्य सामग्री रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना है।

सेफ भोग प्लेस के तहत मंदिरों की स्वच्छता और प्रसाद की शुद्धता को भी स्पर्धा में अंक दिए जाएंगे। शहर में साईमंदिर, चिरहुला, महामृत्युंजय मंदिर किला परिसर आदि के भंडारे की गुणवत्ता और शुद्धता का परीक्षण भी हो सकता है।

रुको (रीपरपज यूज्ड कुकिंग ऑइल) अभियान के तहत नमकीन निर्माण की इकाइयों, होटल, रेस्टोरेंट में तलने में बार-बार उपयोग होने वाले खाने के तेल पर रोक लगाने की गतिविधियां भी स्पर्धा का मापदंड बनेंगी। रीवा में इस पर विशेष जोर देने की जरूरत है, समोसा, पकौड़े के ठेलों में इस तरह के तेल का खूब उपयोग हो रहा है।

कालेजों के कैंटीन का लाइसेंस भी अनिवार्य
उच्च शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त संचालक और कालेजों के प्राचार्यों के पास एक निर्देश भेजा है। जिसमें कहा गया है कि ईट राइट चैलेंज में रीवा भी शामिल है। इसलिए कालेजों के कैंटीन का लाइसेंस लेने की प्रक्रिया पूरी कराएं। साथ ही यहां पर मिलने वाले खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता का भी परीक्षण कराया जाए। बताया गया है कि रीवा के साथ ही सतना, शहडोल, सागर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन आदि जिलों को भी स्पर्धा में शामिल किया गया है।

ईट राइट चैलेंज में रीवा भी शामिल है। इसके तहत मिले टास्क को पूरा करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। खाद्य पदार्थों की शुद्धता का परीक्षण करने के साथ ही निर्देशों के अनुरूप कार्य किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि रीवा को टाप शहरों की सूची में स्थान मिलेगा। 

साबिर अली, खाद्य सुरक्षा अधिकारी

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