MP : सात फेरों को विराम, शहनाई को मिला चार माह का आराम

जबलपुर। 13 दिसंबर को वर्ष 2020 का आखिरी विवाह मुहूर्त रहा। अब चार माह तक लोगों को शुभ मुहूर्त का इंतजार करना पड़ेगा। 2021 में 21 अप्रैल, रामनवमी से शुभ मुहूर्त में विवाह शुरू होंगे। दिसंबर में कम मुहूर्त होने से हर तरफ शादियों की धूम रही। हालांकि कोरोना के कारण लोगों को सीमित संख्या में बुलाना पड़ा। खास बात ये है कि अगर अभी हाथ पीले नहीं होते तो फिर इसके लिए चार महीने का इंतजार करना पड़ता।

चार माह बाद 12 दिन रहे मुहूर्त : देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक चार माह शुभ मुहूर्त नहीं रहते। ऐसे में लोगों ने इंतजार किया लेकिन 25 नवंबर से शुरू मुहूर्त 13 दिसंबर तक ही रहे। इस दौरान लोगों को 12 दिन ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त मिले।

एक महीने तक खरमास : 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है। ऐसे में एक महीने तक विवाह नहीं होंगे। 16 दिसंबर से सूर्य के धनु राशि में गोचर से मलमास शुरू होगा जो 14 जनवरी 2021 तक रहेगा।

16 जनवरी को गुरु तारा का अस्त : विवाह के लिए गुरु-शुक्र के तारे का उदित होना आवश्यक माना गया है। 16 जनवरी 2021 से गुरु का तारा अस्त होने जा रहा है जो 12 फरवरी 2021 को उदित होगा। ऐसे में इस दौरान विवाह नहीं होंगे।

शुक्र तारा अस्त होने से नहीं होंगे विवाह : गुरु तारा के अस्त होने के बाद 17 फरवरी 2021 से शुक्र का तारा अस्त हो जाएगा। जो 20 अप्रैल 2021 को उदित होगा। अत: इस अवधि में विवाह वर्जित रहेंगे।

खरमास के बाद गुरु और शुक्र तारा दोनों एक के बाद एक अस्त हो रहे हैं ऐसे में जनवरी, फरवरी और मार्च में विवाह मुहूर्त नहीं हैं। 21 अप्रैल 2021 से विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं।

पंडित सौरभ दुबे, ज्योतिषाचार्य

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