CORONA VACCINE : कैसे पहुंचेगी आप तक कोरोना वैक्सीन ? कैसे काम करेगा CoWin App ? ज़रा समझिए...

2021 forecast: COVID-19 vaccine rollouts: What's next for Pfizer and  Moderna's mRNA shots, and which vaccines might come next? | FiercePharma

 
कोरोना वैक्सीन अब हकीकत होने जा रही है, देश में वैक्सीनेशन का ट्रायल रन हो रहा है. जल्द ही वैक्सीन को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन शुरू किया जाएगा.
 
नए साल के करीब आते ही अब कोरोना वैक्सीन का सपना सच होते दिखने लगा है. देश में जल्द ही वैक्सीन को मंजूरी मिल सकती है, लेकिन उससे पहले ही देश में वैक्सीनेशन के बड़े स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है. सोमवार को भारत में कुछ जगहों पर वैक्सीनेशन को लेकर एक ड्राई रन किया जा रहा है, जिसमें वैक्सीन सेंटर से किसी व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचाने तक पूरी प्रक्रिया को टेस्ट किया जाएगा. आखिर एक कोरोना वैक्सीन आपतक कैसे पहुंचेगी, ज़रा समझिए...

सरकार ने पहले ही कह दिया है कि जनवरी के किसी भी हफ्ते में देश को वैक्सीन मिल जाएगी. लेकिन किसी भी व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचने से पहले एक लंबी प्रक्रिया भी है. वैक्सीन का भंडारण, राज्यों में वैक्सीन को भेजना और फिर जिला, शहर, गांव स्तर तक उसे पहुंचाना.

वैक्सीन की इसी प्रक्रिया को परखने के लिए गुजरात, पंजाब, आंध्र प्रदेश और असम में दो दिवसीय ड्राइ रन हो रहा है. ड्राइ रन से ही असली वैक्सीनेशन की तैयारी की जाएगी. जिसमें ये प्रक्रिया होगी...
 

  • डिपो से वैक्सीन की खेप अलग-अलग जिलों में भेजी जाएगी.
  • वैक्सीन ले जाते समय तापमान का खास ख्याल रखना होगा, लिहाजा बार-बार तापमान मापा जाएगा. अभी तक हर वैक्सीन कंपनी ने अपनी वैक्सीन के लिए अलग तापमान की बात कही है.  
  • जब ये प्रक्रिया हो रही होगी, तभी जिन्हें वैक्सीन लगनी है, उन्हें  भेजा जाएगा.
  • उस मैसेज में वैक्सीनेशन टीम का जिक्र होगा, साथ ही वक्त और जगह का भी लिखा होगा.


आपको बता दें कि कोरोना की वैक्सीन देने के लिए सरकार ने CoWin ऐप भी तैयार किया है, इसे भी ड्राइ रन में परखा जा रहा है.  ड्राइ रन के दौरान जो मुश्किलें आएंगी, जो अनुभव और वक्त लगेगा, उसपर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. जिसपर नेशनल एक्सपर्ट का ग्रुप मंथन करेगा, ताकि वैक्सीनेशन को लेकर पूरे प्लान पर अमल किया जाए.

गौरतलब है कि देश में इस वक्त तीन वैक्सीन अपने अहम पड़ाव हैं. इनमें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड-शील्ड जिसे सीरम इंडिया तैयार कर रहा है. भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और फाइजर की वैक्सीन, जिसके लिए इमरेंजी इस्तेमाल की इजाजत मांगी गई है.

बता दें कि बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा था कि शुरुआत में भारत में 30 करोड़ लोगों तक वैक्सीन पहुंचाने का लक्ष्य होगा. जिसमें स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षाकर्मी, अन्य कोरोना वॉरियर्स और बुजुर्ग लोग शामिल होंगे. इसके अलावा करीब 1 करोड़ वैक्सीन उनके लिए रिजर्व रखी जा रही हैं, जिनकी उम्र 50 से कम हैं लेकिन कोई बीमारी है.

एक ओर भारत में वैक्सीन देने की तैयारी अंतिम चरण में हैं, तो वहीं अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों में अबतक लाखों लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है. ब्रिटेन में करीब 6 लाख, अमेरिका में करीब बीस लाख और इजरायल में करीब दो लाख वैक्सीन लगवा चुके हैं.

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