सेक्स से जुड़े 7 तरह के डर, जिनसे अक्सर व्यक्ति रहता है परेशान



सेक्स हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा है और एक हेल्दी लाइफ के लिए इसे जरूरी माना जाता है. हालांकि, कुछ लोगों को इससे बहुत घबराहट होती है, यहां तक कि वो सेक्स पर बात करने से भी कतराते हैं. सेक्स को लेकर इस तरह के भय को इरोटोफोबिया कहा जाता है. इरोटोफोबिया में लोगों के मन में सेक्स को लेकर कई तरह के डर होते हैं. 

इरोटोफोबिया में लोगों के मन कई तरह की शंकाएं होती हैं. अगर इसका समय पर इलाज ना किया जाए तो ये एक तरह के डिसऑर्डर में बदल सकता है जिसका असर रोमांटिक रिलेशनशिप पर भी पड़ता है. किसी भी फोबिया की तरह इरोटोफोबिया के भी कई लक्षण होते हैं. हर व्यक्ति के लक्षण और अनुभव एक-दूसरे से अलग हो सकते हैं. इरोटोफोबिया कई तरह का हो सकता है. आइए जानते हैं इनके बारे में.


जेनोफोबिया- जेनोफोबिया को कोइटोफोबिया के रूप में भी जाना जाता है. इसमें लोगों को यौन संबंध बनाने में डर लगता है. जेनोफोबिया की स्थिति में लोग अपने रोमांटिक रिश्ते में किस या गले लगाने जैसी एक्टिविटी को खूब पसंद करते हैं लेकिन यौन संबंध बनाने या ज्यादा फिजिकल होने से उन्हें डर लगता है.

इंटीमेसी का डर- इस तरह के फोबिया में लोगों को अंतरंगता से डर लगता है. हालांकि, ये हमेशा नहीं होता है. ऐसे लोग सेक्स से नहीं बल्कि इंटीमेसी की वजह से होने वाले इमोशनल लगाव से डरते हैं. इनके मन में इस बात का डर होता है कि इनका पार्टनर इन्हें छोड़ देगा.




पैराफोबिया- यौन विकृति का डर भी एक तरह का फोबिया है. कुछ लोगों को इस बात का डर होता है कि सेक्स की वजह से उनमें किसी तरह की विकृति आ सकती है. वहीं, कुछ लोगों में इस बात का भय होता है कि उनकी वजह से किसी दूसरे में कोई विकार ना आ जाए. इस फोबिया से ग्रसित कुछ लोग अपने बनाए नियमों में ही यौन संबंध का आनंद लेते हैं. वहीं, कुछ लोग किसी भी तरह की अंतरंगता से डरते हैं.

हाफेफोबिया- इस फोबिया में लोगों को छुए जाने से डर लगता है. इसकी वजह से इनके कई रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं. इस फोबिया के कुछ लोग किसी रिश्तेदार के भी छुए जाने से डर जाते हैं जबकि कुछ लोग सिर्फ जरूरत से ज्यादा शारीरिक संपर्क से डरते हैं.

जिम्नोफोबिया- इसमें लोगों को न्यूडिटी का भय होता है. लोगों को किसी के सामने न्यूड होने में डर लगता है. कुछ लोग अपने बॉडी इमेज की वजह से भी फिजिकल रिलेशन बनाने से कतराते हैं.

फिलेमाफोबिया- इसे फिलेमेटोफोबिया के नाम से भी जाना जाता है. इसमें लोगों को किस करने से डर लगता है. इसके कई कारण हो सकते हैं. जैसे कि जिन लोगों के मुंह से दुर्गंध आती है, वो किस करने से घबराते हैं. इसके अलावा, कुछ लोगों को लगता है कि किस करने से उनके मुंह में किटाणु चले जाएंगे.

ये हैं कारण- हर व्यक्ति में अलग-अलग वजहों से इरोटोफोबिया हो सकता है. कुछ लोग के मन में अपने अतीत की घटनाओं की वजह से डर बैठ जाता है. यौन शोषण, खराब अनुभव, किसी सदमे या मानसिक आघात जैसी वजहें इरोटोफोबिया का कारण हो सकती हैं. इसके अलावा कुछ लोग में परफॉर्मेंस एंग्जाइटी होती है, जिसकी वजह से भी लोगों के मन में सेक्स को लेकर भय हो जाता है.

क्या है इलाज- इरोटोफोबिया एक जटिल समस्या है और आमतौर पर इसका इलाज किसी हेल्थ एक्सपर्ट की ट्रीटमेंट से ही हो पाता है. सर्टिफाइड सेक्स थेरेपिस्ट इस तरह के मामलों के इलाज में बेस्ट माने जाते हैं. कई बार मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल भी इरोटोफोबिया का इलाज कर पाने में सक्षम होते हैं. 
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