सेना का रिटायर्ड जवान पाकिस्तानी महिला को खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार, आरोपी ने 6 महीने पहले ही लिया था VRS


उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने शुक्रवार को बताया, 'ATS को इंटेलीजेंस इनपुट मिला था कि सौरभ शर्मा नाम का पूर्व सैनिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को संवेदनशील सूचनाएं भेज रहा है। हापुड़ के रहने वाले सौरभ ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसके पास से कुछ दस्तावेज भी मिले हैं।'

फेसबुक पर PIO के संपर्क में आया आरोपी

आरोपी सौरभ ने बताया कि वह 2014 में फेसबुक पर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के संपर्क में आया था। उसने खुद को रक्षा विशेषज्ञ बताया था। इसके बाद उसने 2016 तक कई संवेदनशील सूचनाएं साझा कीं। वह इन सूचनाओं को टेक्स्ट, ऑडियो और फोटो के रूप में साझा करता था और कॉलिंग के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल करता था। इसके लिए उसे हेंडलर्स से पैसा मिलता था।

आरोपी को 7 दिन की रिमांड पर भेजा

प्रशांत कुमार ने कहा, 'जांच में पता चला है कि पाकिस्तान की महिला को सूचनाएं भेजने के बदले सौरभ को पैसे मिलते थे। उसके खिलाफ FIR दर्ज करके कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है।'

प्रशांत कुमार ने बताया, 'इसी केस में गुजरात के गोधरा से अनस नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसके बड़े भाई को भी NIA ने कुछ दिन पहले हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। अनस को यहां लाया जा रहा है।'

जून में मिला सौरभ के खिलाफ इनपुट

ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि नवंबर में ATS की लखनऊ यूनिट को सेना के रिटायर्ड सिग्नल मैन सौरभ शर्मा के जासूसी में शामिल होने का इनपुट मिला था। इसके बाद 'ऑपरेशन क्रॉस कनेक्शन' चलाया गया। सौरभ को हापुड़ जिले में बहादुरगढ़ थाना के बिहुनी गांव से पकड़ा गया। यहां उसका पैतृक घर है। आरोपी ने 6 महीने पहले सेना से वालिंटियरी रिटायरमेंट ले लिया था।

गुजरात का अनस सौरभ को पैसे भेजता था

आगे जांच में पता चला कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के कहने पर गोधरा का अनस गितैली आरोपी को पैसे भेजता था। इसके बाद पुलिस ने उसे गुजरात के गोधरा से गिरफ्तार किया। अनस के बड़े भाई इमरान गितैली को NIA ने 14 अक्टूबर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। वह भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करता था।

संत कबीरनगर से रोहिंग्या भी पकड़ाया

ATS ने 6 जनवरी को मुंबई और हैदराबाद के अलावा उत्तर प्रदेश में खलीलाबाद (संत कबीरनगर), बस्ती और अलीगढ़ में पांच ठिकानों पर छापेमारी की थी। ATS ने संत कबीरनगर से अजीज उल हक नाम के एक रोहिंग्या को गिरफ्तार किया था। 2001 में वह अवैध रूप से संत कबीरनगर के खलीलाबाद क्षेत्र में रह रहा था। जांच में उसके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे। अजीज के खाते में अलग-अलग जगह से रुपए आए थे। इसकी जानकारी भी ATS को मिली है। 

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