MP : CMHO कार्यालय को भ्रष्टाचार के लिए कोठा बना दिया डॉ बीडी सोनवानी,रिश्वत लेकर छत्तीसगढ़ की महिलाओं की कर दी गई नसबंदी

            

अभिषेक दुबे भोपाल, जिले में चिकित्सक भी चले माफियाओं की चाल में राजेन्द्रग्राम में चिकित्सको ने कराई छत्तीसगढ़ की महिलाओ की नसबंदी परिवार नियोजन अभियान जिले के चिकित्सको के लिये अब वरदान से कम नही  इसका खुलासा तब हुआ जब जिले की सीमा से सटे राज्य छत्तीसगढ़ की महिलाओ की नसबंदी राजेन्द्रग्राम स्वास्थ्य केन्द्र में शिविर लगाकर की गई, जबकि नसबंदी शिविर का आयोजन स्वास्थ्य केन्द्र अंर्तगत आने वाले सेक्टरो की महिलाओ के लिये था,लेकिन छत्तीसगढ़ के चिकित्सको से रूपयो की सांठ-गांठ कर सैकड़ो महिलाओ की एक दिन में नसबंदी की गई जो अपने आप में चिकित्सको को सवालो के कठघरे में खडा कर रही है।

राजेन्द्रग्राम/अनूपपुर। यूँ  तो स्वास्थ्य विभाग में कई ऐसे कारनामे सामने आ चुके हैं जिसमें चिकित्सको ने रूपयो की चाहत में समाज को सर्मसार  किया है उनमें से एक शर्मनाक मामला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम में नसबंदी शिविर के दौरान छत्तीसगढ़ की महिलाओ की नसबंदी किये जाने का सामने आया, जबकि जारी आदेश के तहत राजेन्द्रग्राम स्वास्थ्य केन्द्र में सेक्टर भेजरी, दमेहडी व बेनीबारी सेक्टर की महिलाओ की नसबंदी की जानी चाहिये थी, लेकिन चिकित्सको ने टारगेट पूर्ण करने व अपनी जेबें भरने के लिये यह कारनामा कर डाला। जानकारो की माने तो सीमा से सटे छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय व निजी चिकित्सको से सांठ-गांठ कर वहां की महिलाओ की यहां नसबंदी कर जिले के चिकित्सक दोहरा लाभ कमा रहे हैं। ऐसे में उन्हें नसबंदी कराने आयी महिलाओ के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का कोई लेना-देना नही।

धरती के भगवान भी माफिया
अभी तक जिले में रेत व पत्थर खनिज के अलावा लकडी एवं धान की खरीदी बिक्री के मामले में छत्तीसगढ़ के माफिया सामने आते रहे हैं, लेकिन अब तो चिकित्सा के क्षेत्र में वही चाल चलकर माफियाओ जैसा जाल बिछाया जा रहा है। समय रहते इस पूरे मामले में जिले के जनप्रतिनिधियों व पक्ष-विपक्ष के नेताओ और प्रशासनिक अधिकारियो को सूक्ष्मता से जांच कर कार्यवाही करनी होगी ताकि राजेन्द्रग्राम से हो रही शुरूआत अन्य क्षेत्रो में न अपनी जडें जमा सके।

जमीन में लेटाकर नसबंदी
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम में नसबंदी कराने पहुंची सेक्टर भेजरी, दमेहडी व बेनीबारी सहित संरक्षित बैगा जनजाति की नसबंदी किये जाने के साथ छत्तीसगढ़ की एक भी महिलाओ को नसबंदी ऑपरेशन  के दौरान बिस्तर नसीब  नही हुआ, उन्हे जमीन में बिना गद्दे के एक लाईन से लिटाकर सर्जन ने चंद घण्टे में सौ से अधिक महिलाओ का  ऑपरेशन कर दिया, जबकि नसबंदी  ऑपरेशन को मेजर  ऑपरेशन इसलिये माना जाता है क्योकि इस दौरान महिलाओ को एनएसथीसिया के इंजेक्शन दिये जाते हैं। लगभग इसका असर 6 घण्टे तक रहता है और वह भी एक्पर्ड के द्वारा दिया जाना चाहिये, लेकिन यहां तो बार्डबाॅय ही एक्सपर्ट बना रहा।  ऑपरेशन के बाद किसी भी महिला को स्ट्रेचर की सुविधा तक नही मिली। उन्हे उनके परिजनो ने गोद में उठाकर स्वास्थ्य केन्द्र से बाहर लाया। इस दौरान किसी महिला को कुछ हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता यह समझ के परे है।

एक एम्बूलेंस में 16 महिलाएं
वैसे तो एक एम्बूलेंस में किसी भी मर्ज से पीडित एक ही मरीज को उपचार के बाद चिकित्सालय से उसके घर तक ले जाने की अनुमति होती है, लेकिन स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम में नसबंदी  ऑपरेशन के बाद एक एम्बूलेंस में 16 महिलाएं ले जाया गया। इस दौरान वह दर्द से कराहती रहीं लेकिन उनके हालातो को समझने वाला कोई नही रहा, क्योकि चिकित्सको ने तो पहले ही अपने टारगेट की सीमा के सामने रूपयो का लेन-देन पहले से तय कर रखा था फिर उन्हें इंसान व जानवर में फर्क कैसे समझ आता।

आखिर ऐसा हुआ क्यो
स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम में छत्तीसगढ़ की महिलाओ के नसबंदी किये जाने के पीछे का जानकारो के अनुसार छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सालयो में एक साथ नसबंदियां नही होती और निजी चिकित्सालय में नसबंदी  ऑपरेशन का खर्च अत्याधिक आने के कारण ऐसे में वहां के चिकित्सको ने यहां के चिकित्सको के साथ मिलकर एक समझौता किया जिसमें नसबंदी कराने वाली महिलाओ से वहां के चिकित्सको ने तय सुदा राशि ली और यहां उनका नसबंदी  ऑपरेशन सरकारी खर्चे में करा दिया और दोनो ही स्थान के चिकित्सक ने आपस में राशि बांट ली यह कोई हजार दो हजार रूपयो का खेल नही है बल्कि लाखो रूपये के वारे न्यारे एक कैम्प में होते हैं।

किनारे रही कोरोना गाईड लाइन अब तक न तो केन्द्र सरकार ने और न ही प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के समाप्त होने की सूचना जारी की है फिर भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम में कोरोना गाईड लाइन को साइड करते हुये नसबंदी शिविर संपन्न कराया गया। सामने आयी तस्वीरें खुद भीड की कहानी बयां कर रही है। लगभग 1 सैकडा से अधिक महिलाओ को जहां लाइन में सटाकर लिटाया गया वहीं स्वास्थ्य केन्द्र के बरामदे में भीड के झुण्ड की तरह महिलाएं एकत्रित रहीं। जबकि निर्दोषों  के तहत एक नसबंदी शिविर में 35 से अधिक महिलाएं नही बुलाने के सक्त आदेश हैं, लेकिन रूपयो की चाहत और टारगेट के बाद मिलने वाले प्रोत्साहन में चिकित्सको ने सारी हदें तोड दी। जबकि मौके पर खुद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीडी सोनवानी खण्ड चिकित्सा अधिकारी सुरेन्द्र सिंह पूरे अमले के साथ उपस्थित रहे, फिर ऐसी चूक क्यों।

अनूपपुर परिवार नियोजन मामले में अनूपपुर का लक्ष्य पूर्ण,अब दूसरे राज्यों का कोटा पूरा करने में जुटा अनूपपुर का स्वास्थ्य विभाग,जिला चिक्तिसा अधिकारी की कार्यप्रणाली संदेहास्पद एक तरफ जहां प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है और अक्सर समय से मरीजों का उपचार न होना या स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया न होना अक्सर चर्चाओं में रहता है और इन सब के बीच अनूपपुर का स्वास्थ्य विभाग अपने कार्यप्रणाली से अक्सर सुर्खियों में बना रहता है चाहे सुविधाओं की मोहताजी हो या फर्जी तरीके से भर्ती का मामला रहा हो जब से मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी बी डी सोनवानी के हांथो आई है नित नए कारनामे साहब करवा रहे है 

ताजा मामला दूसरे राज्यों के लोगों का किया जाता है परिवार नियोजन
एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग अनूपपुर ने एक पत्र जारी करते हुए पुष्पराजगढ़ में तीन सेक्टरों  को परिवार नियोजन में शामिल करने के लिए कहा गया था और बांकी सेक्टरों को अगले शिविर में बुलाने की बात लिखी गई है ऐसे में एक तरफ कोरोना काल की धज्जियां उड़ाते हुए चंद घंटों में 168 नसबंदी कर सकते में डाल दिया एक सर्जन के भरोषे चंद घंटों में इतने लोगों की नशबंदी अपने आप मे लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया गया दूसरे राज्यों के चालीस फीसदी लोगों का हुआ परिवार नियोजन पुष्पराजगढ़ में हुए नसबंदी शिविर में एक तरफ जहां तीन सेेकटरों को नशबंदी के लिए आने की अनुमति थी वही दूसरी तरफ इस नसबन्दी सिविर में छत्तीसगढ़ राज्य की महिलाओं की नसबंदी कर अनूपपुर स्वास्थ्य विभाग ने नया कारनामा स्थापित कर लिया हम आप को बता दें इस सिविर में हुए परिवार नियोजन में चालीस फीसदी नसबंदी छत्तीसगढ़ के महिलाओं की की गई .

अंजान बन रहे जिला चिकित्सा अधिकारी
हमारे सूत्रों से खबर के मुताबिक छत्तीसगढ़ की जिन महिलाओं का नसबंदी पुष्पराजगढ़ में किया गया उनसे सात सात हजार रुपये की वसूली की गई जबकि इस पूरे मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि मेरी जानकारी में नही है कि छत्तीसगढ़  की महिलाओं की नसबंदी की गई जबकि जब ये कैम्प किया जा रहा था तब जनाब वहां खुद गए थे
 
छत्तीसगढ़ की महिलाओ का कतई हमारे यहां नसबंदी  ऑपरेशन नही किया जा सकता यदि ऐसा यहां के चिकित्सको ने किया है तो मै जांच व कार्यवाही के लिये कलेक्टर को पत्र लिखूंगा  यदि कार्यवाही नही हुई तो विधानसभा के मानस पटल में इस विषय को उठाऊंगा।

फुंदेलाल सिंह
विधायक पुष्पराजगढ़

आपने जानकारी दी है कि स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम में वहां के सेक्टरो के अलावा छत्तीसगढ़ की महिलाओ के  ऑपरेशन किये गये हैं जो नियमतः नही होना चाहिये मै इस मामले की जांच के लिये डीएम को निर्देश दूंगी ।

श्रीमती हिमाद्री सिंह

सांसद शहडोल संसदीय क्षेत्र

छत्तीसगढ़ की महिलाओ की नसबंदी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में किये जाने की जो जानकारी आपने दी है मै उस संबंध में तत्काल वहां के अधिकारियो से पूछता हूँ यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच की जाएगी और बिल्कुल दोषियो पर कार्यवाही होगी।

विश्वास कैलाश सारंग
चिकित्सा शिक्षा एवं भोपाल गैस त्रासिदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री, मध्यप्रदेश शासन भोपाल
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