MP : सिंगरौली जिले के इस अस्पताल में मरे हुए मरीजों का इलाज करते हैं डॉक्टर, इस ट्रामा सेंटर की कहानी सुन उड़ जायेंगे आपके होश

सिंगरौली/ सवाल जरा अजीब है, लेकिन पूछना लाजमी है। सवाल ये है कि, क्या आपने कभी किसी डॉक्टर को मरने के बाद भी मरीजों का इलाज करते देखा है? जैसा मेने पहले ही कहा था कि, सवाल सुनकर आप भी कहेंगे, कि क्या बे वकूफ बना रहे हो। ऐसा हो सकता है क्या? ये बात हम भी जानते हैं कि, ये बात संभव नहीं है। लेकिन बावजूद इसके मध्य प्रदेश के सिंगरौली स्थित ट्रॉमा सेंटर में एक चिकित्सक अपनी मौत के करीब एक माह बाद भी ड्यूटी कर रहा है।

कलेक्टर ने दिये जांच के आदेश

हुआ ये कि, यहां ड्यूटी ऑफिसर ने अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एक मृत डॉक्टर की ड्यूटी लगा दी। हैरानी तो इस बात की है कि, उन स्वर्गीय डॉक्टर के ड्यूटी आदेश पर बाकायदा वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तारक्षर कर मंजूरी भी दे दी। मामला सामने आने के बाद ट्रामा सेंटर से लेकर जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के कान खड़े हो गए। फिलहाल, मामले पर बवाल मचने के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई के लिए आदेश जारी कर दिये हैं।

लापरवाही की इंतेहा

बता दें कि, जिले के ट्रॉमा सेंटर में अधिकारियों और जिम्मेदारों की लापरवाही की पराकाष्ठा देखने को मिली है। नए साल के शेड्यूल के हिसाब से ट्रामा सेंटर प्रबंधन की ओर से 31 दिसंबर को चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों का ड्यूटी चार्ट जारी किया गया। चार्ट के मुताबिक, इसमें डॉक्टर 'अनिल कुमार यादव' की भी ड्यूटी लगाई गई। आदेश के मुताबिक, लिखा गया कि डॉक्टर अनिल कुमार यादव स्त्री रोग संबंधी कॉल को अटेंड करेंगे। इस आदेश में बकायदा सिविल सर्जन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने हस्ताक्षर कर आदेश को मंजूरी भी दे दी।

दिसंबर माह में कोरोना से हो चुका है डॉक्टर का निधन

हैरानी इस बात की है कि, ट्रामा सेंटर का ड्यूटी रजिस्टर बनाने वाले जिम्मेदारों को ये होश भी नहीं रहा कि, डॉक्टर अनिल कुमार यादव का निधन कोरोना वायरस के कारण बीते महीने यानी 7 दिसंबर को हो चुका है। उन्होंने गंभीर लापरवाही दिखाते हुए यहां डॉक्टर अनिल की ड्यूटी भी लगा दी।

डिप्टी कलेक्टर करेंगे मामले की जांच

फिलहाल, मामला उजागर होने पर मचे हड़कंप के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने मामले की जांच डिप्टी कलेक्टर को ससौंपी है, साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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