REWA : घटना के 32 घंटे बाद पीएम कराने को तैयार हुए परिजन

रीवा। छुहिया घाटी हादसे के तकरीबन 32 घंटे बाद परिजन मृतकों के शव का पीएम कराने के लिए तैयार हो गए 32 घंटे तक चली बातचीत के बाद आखिरकार अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी ने प्रत्येक मृतक को 40 लाख रुपये व दाह संस्कार के लिए 25 हजार रुपये देने को तैयार हो गई। जिसके बाद परिजन शव का पीएम कराने के लिए राजी हो गए। जिसके कारण शुक्रवार की देर दोपहर शव का पीएम हो सका है वहीं सबको ग्रह ग्राम तक भेजने के लिए प्रशासन की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। जिसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हो गए।

कांग्रेस विधायक ने संभाला मोर्चा

कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना मृतकों को न्याय दिलाने के लिए लगातार कंपनी के हेड से बात कर रहे थे शुरुआत में 25 लाख रुपये तक कंपनी देने को तैयार थी लेकिन जब वह प्रदर्शन करने की बात कहने लगे तो आखिरकार घटना के 32 घंटे बाद मौके पर पहुंचे कंपनी के एचआर हेड मयंक श्रीवास्तव ने 40 लाख रुपये देने की हामी भर ली।

नौकरी के लिए तैयार नहीं कंपनी

मृतक के परिजनों द्वारा लगातार आर्थिक सहायता के साथ नौकरी की मांग कंपनी से की जा रही थी लेकिन कंपनी ने नौकरी देने से साफ इंकार कर दिया है कंपनी का कहना था कि जिन कर्मचारियों की मौत हुई है उनके स्थान पर प्लांट में नौकरी दी जा जा सकती है लेकिन जिस वेतनमान पर नौकरी की डिमांड की जा रही है वह देना संभव नहीं है इसीलिए हम आर्थिक सहायता के रूप में 40 लाख रुपए देने को तैयार हो गए हैं।

मिलेगा अन्य क्लेम

एचआर हेड ने बताया कि मृतक के परिजनों को बीमा योजना के साथ ही अन्य ऑनरोल एम्पलाई के क्लेम भी प्राप्त होंगे इसके लिए परिजनों को अलग से आवेदन पत्र देकर क्लेम का डिमांड करना होगा।

ये है मृतक

मृतकों में रंजन मिश्रा पुत्र केसरी प्रसाद मिश्रा उम्र 35 वर्ष निवासी सतना गिरीश त्रिपाठी पुत्र बद्री विशाल त्रिपाठी उम्र 47 वर्ष निवासी पटेहरा थाना बैकुंठपुर प्रतिभा पांडे पत्नी भास्कर पांडे उम्र 40 वर्ष निवासी समान रीवा शामिल है।

घायलों का होगा इलाज

मिली जानकारी में बताया गया है कि उक्त दुर्घटना में घायल लोगों का इलाज अल्ट्राटेक कंपनी निजी अस्पताल में करा रही है इलाज में आने वाले खर्च का भुगतान अल्ट्राटेक कंपनी करेगी उक्त आशय की जानकारी कंपनी के एचआर हेड मयंक श्रीवास्तव ने दी है।

रात तक नहीं बनी थी बात

पूरे मामले में खास बात यह है कि रात भर कंपनी के एचआर हेड व परिजनों के बीच बातचीत हो रही थी लेकिन आर्थिक सहायता को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी जिसके कारण एक बार फिर शुक्रवार सुबह से बातचीत शुरू हुई आखिरकार देर दोपहर तकरीबन 2ः30 बजे मामला शांत हो पाया परिजन पीएम कराने को तैयार हो गए।

Powered by Blogger.