REWA : दस हजार हितग्राहियों के आवास के अधूरे, पांच साल के भीतर लगभग 48 हजार हितग्राहियों के आवास पूर्ण का दावा : भोपाल में अटकी दूसरी-तीसरी किस्त

रीवा. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में हितग्राहियों की किस्त नहीं आ रही है। जिससे पांच साल से लगभग 9 हजार से ज्यादा आवास अधूरे हैं। पांच माह से हितग्राहियों के खाते में दूसरी और फाइनल यानी तीसरी किस्त नहीं पहुंची। जिससे वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक 41 हजार आवास आए। जिसमें 2200 आवास अधूरे हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में 16 हजार नए आवास बनाने का लक्ष्य है। जिसमें लगभग 9 हजार आवास बनने का दावा हैं। जबकि 7 हजार आवास का निर्माण नहीं हो सका है। चालू वर्ष में आवास निर्माण कराने में रायपुर कर्चुलियान, मऊगंज, हनुमना और नईगढ़ी ब्लाक सबसे फिसड्डी है। पचास फीसदी गरीबों के आवास निर्माण नहीं करा सके हैं।

शहरी क्षेत्र में पांच हजार से ज्यादा अपूर्ण

जिले में शहरी क्षेत्र में चालू वर्ष से लेकर अब तक करीब पांच हजार हितग्राहियों के आवास अधूरे हैं। किसी को पहली किस्त जारी करने के बाद बाद दूसरी किस्त नहीं जारी की गई। कई अपात्र के आवास स्वीकृत होने पर पहली किस्त भेजने के बाद निरस्त किए गए। नगर पंचायत मनगवां के वार्ड 14 में रामयश विश्वकर्मा पिता काशी प्रसाद विश्वकर्मा को आवास के लिए 2.50 लाख स्वीकृत हुए। जिसमें एक लाख की पहली किस्त मिली। कच्चा मकान ढहाने के बाद निर्मण शुरू किया। दूसरी किस्त के इंतजमार में तीन साल बीत गए। दरवाजे तक दीवार खड़ी करने के बाद छत डालने के लिए दूसरी और तीसरी किस्त नहीं आई। रामयश खिडक़ी में पुराने कपड़े और घर के भीतर पॉलिथिन का छत बनाकर जिंदगी काट रहे हैं।

पंचातयों की जांच में खुलासा, बाइक, इलाज, निजी कार्य में खर्च कर दिए पहली किस्त

जिले में वर्ष 2016-17 से लेकर वर्ष 2018-19 के बीच करीब 500 ऐसे हितग्राही हैं कि जो पहली किस्त लेकर गायब हो गए हैं। पंचायतों के प्रतिवेदन रिपोर्ट के मुताबिक हितग्राही पहली किस्त लेकरकर कई हितग्राही बाइक खरीदी लिए, कुछ ने बेटी का ब्याह कर लिया। कइयो के इलाज में पैसे खर्च हो गए।

पंचायतों में पांच साल में 57670 हो चुके स्वीकृत

जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 में आवास योजना चालू हुई थी। वर्ष 2018-19 तक 41,336 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए। जिसमें 39,092 आवास पूर्ण का दावा है। 2244 आवास आज तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। इसमें 589 को फाइनल यानी तीसरी किस्त भी भेजा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 को मिलाकर जिले में अब तक पंचायतों में 57670 आवास स्वीकृत हो चुके।

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