REWA : नव जीवन अभियान : जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित किए गए कार्यक्रम, बच्चों को उपलब्ध कराए गए पोषण किट


रीवा. जिला प्रशासन ने नए साल में कम पोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए नव जीवन अभियान शुरू किया गया है। कमिश्नर राजेश कुमार जैन और कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने प्रतिनिधियों के अभियान का शुभारंभ केककाट किया। जिला मुख्यालय पर शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में कम पोषित बच्चों को पोषण आहार किट तथा आयुर्वेद कालेज द्वारा तैयार उपचार किट एवं खिलौनों का उपहार दिया गया। समारोह में बच्चों को पोषण आहार देने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वसहायता समूहों व कम पोषित बच्चों को पोषण सहायता देने वाले समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। 

बच्चों को मौसमी फल व सब्जियां 
आयुर्वेद कालेज परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित समाराहे में कमिश्नर राजेश जैन ने कहा कि इस अभियान में कम वजन के बच्चों को स्वस्थ जीवन का उपहार देगा। बच्चे स्वस्थ व खुशहाल होंगे तभी देश खुशहाल होगा। बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए पांच वर्ष तक के सभी बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण स्तर पर सतत निगरानी आवश्यक है। घर में उपलब्ध मौसमी फल, सब्जियों तथा अनाजों से भी बच्चों को सुपोषित बनाया जा सकता है। 


नव जीवन अभियान का शुभारंभ 
कलेक्टर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास द्वारा अभियान चलाकर दो लाख से अधिक बच्चों की जांच कर कम वजन के दो हजार 729 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इनको तीन माह तक सुपोषण के लिए नव जीवन अभियान आरंभ किया गया है। अभियान के तहत कम पोषित बच्चों को पोषण किट, स्वच्छता किट तथा दवाएं दी जाएंगी। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर की नियमित निगरानी की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि नव वर्ष के प्रथम दिन शुरू किया गया नव जीवन अभियान जिले के सभी बच्चों में अच्छे स्वास्थ्य का सबेरा लेकर आए यही हमारा प्रयास होगा।

कुपोषण का कलंक मिटाएं 
भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह ने कहा कि प्रशासन ने बच्चों को सुपोषित करने के लिए सराहनीय नवाचार किया है। नव जीवन अभियान कुपोषण का कलंक मिटाने में सफल होगा। जनता प्रशासन के इस भागीरथ प्रयास में सहभागी बनकर अभियान को सफल बनाएं। सेवा निवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. ज्योति सिंह ने कहा कि बच्चों के पोषण स्तर के घटने के कई कारण होते हैं। सभी कारणों को दूर करने के प्रयास करके बच्चों को सुपोषित किया जा सकता है।

आयुर्वेद की बांटी जाएगी किट 
आयुर्वेद कालेज डीन डा. दीपक कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आयुर्वेद विभाग भी एनआरसी में भर्ती बच्चों को मालिश की नि:शुल्क सुविधा देकर पोषण बढ़ाने में सहयोग कर रहा है। अब तक पांच बच्चों को मालिश का लाभ दिया जा चुका है।
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