MP : CM शिवराज ने कहा बिना लिए-दिए और बिना चक्कर लगाए समयसीमा में जनता को मिले सेवा, यही सुशासन

भोपाल। प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में बिना लिए-दिए और बिना चक्कर लगाए तय समयसीमा में जनता को सेवा मिले, यही सुशासन है। प्रदेश के तमाम अधिकारियों, कर्मचारियों को यह बात सुनिश्चित करनी होगी कि जनता को अपने कामों के लिए भटकना न पड़े। जनता की सुविधा के लिए ही दस साल पहले लोक सेवा गारंटी कानून लागू किया था। कई सेवाएं इसके तहत दी जा रही हैं। यदि निश्चित अवधि में कोई अनुमति नहीं मिलेगी, तो अब वह पोर्टल से स्वत: जारी हो जाएगी।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'लोक सेवा एवं सुशासन के क्षेत्र में बढ़ते कदम" कार्यक्रम में सोमवार को कही। इस दौरान उन्होंने सीएम जनसेवा का शुभारंभ भी किया। इसके तहत खसरा, खतौनी और नक्शे की प्रतिलिपि वाट्सएप पर भी मिलेगी। वहीं, सीएम डैशबोर्ड पोर्टल, वाट्सएप चाटबॉट सेवाओं की भी शुरुआत की।

अब घर बैठे मिल जाएंगे दस्तावेज

मुख्यमंत्री ने भोपाल के मिंटो हॉल में हुए कार्यक्रम में कहा कि प्रदेशवासियों को विभिन्न् सेवाएं निश्चित समयसीमा में प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देने के लिए लोक सेवा गारंटी कानून लागू किया था। इसके तहत अब पांच सौ से ज्यादा सेवाएं दी जा रही हैं। लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवाएं मिल रही हैं। सीएम जनसेवा (हेल्पलाइन) के जरिए मूल निवासी और आय प्रमाण पत्र के साथ अब खसरा, खतौनी और नक्शे की प्रतिलिपि वाट्सएप पर दी जाएगी। अभी यह प्रमाण पत्र लोक सेवा केंद्र या एमपी ऑनलाइन से प्राप्त होते हैं. 

इस सुविधा से व्यक्ति को घर बैठे दस्तावेज मिल जाएंगे। वहीं, उद्योग की स्थापना के लिए आशय पत्र, भूमि का आवंटन आदेश और अधिपत्य प्रदान करने की सेवा (अनुमति पत्र) निश्चित समयसीमा में नहीं देने पर पोर्टल से जारी होकर आवेदक को मिल जाएगी। इस दौरान उन्होंने होशंगाबाद के प्रकाश चौरे, रायसेन के दीप सेन और झाबुआ के कांतिलाल से संवाद किया। तीनों ने बताया कि उन्हें सीएम हेल्पलाइन और समाधान एक दिन सेवा से लाभ मिला है।

जनता को परेशानी देने वाले को बर्दाश्त नहीं करेंगे

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से वीडियो कांफे्रंसिंग के दौरान कहा कि कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारियों-कर्मचारियों से व्यवस्था दुरुस्त हो जाती है, लेकिन जनता को परेशानी देने वाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। तय समय में सेवा नहीं देने वाले अधिकारियों पर जुर्माना किया जाए। सुशासन के लिए भी कलेक्टर व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाए रखें। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से अब एक नया माध्यम आमजन को उपलब्ध होगा। इससे सभी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी मिलेगी।

उन्होंने इंदौर नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल को प्रेरक उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रसव के कुछ दिन पहले तक वे ड्यूटी पर सक्रिय रहीं और दस दिन बाद ही अपने दायित्व के निर्वहन के लिए फिर सक्रिय हो गईं। अन्य अधिकारियों को भी इसी तरह सेवाभाव से जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम में लोक सेवाओं के प्रदाय में उत्कृष्ट काम के लिए निवाड़ी कलेक्टर आशीष भार्गव, ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और झाबुआ कलेक्टर रोहित सिंह पुरस्कृत किए गए।

24 राज्य कर चुके हैं लोक सेवा प्रबंधन विभाग का गठन

लोक सेवा प्रबंधन और सहकारिता मंत्री डॉ.अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि देश के 24 राज्य मध्य प्रदेश को आदर्श मानकर लोक प्रबंधन विभाग का गठन कर चुके हैं। अब तक करीब सात करोड़ समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।


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