किसान आंदोलन का 53वां दिन: किसान नेता बोले- सरकार कानून वापस ले; कृषि मंत्री ने कहा- इसके अलावा विकल्प बताएं

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन का आज 53वां दिन है। किसानों की सरकार से 10 दौर की बातचीत हो चुकी है। अगली मीटिंग मंगलवार को होगी। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जब लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं तो सरकार कानून वापस क्यों नहीं लेती। लगता है आंदोलन लंबा चलेगा।

उधर, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, उम्मीद है किसान हर कानून पर क्लॉजवाइज चर्चा करेंगे और बताएंगे कि कानून वापसी के अलावा क्या विकल्प हो सकते हैं।

'सरकार थकाने की साजिश कर रही'

इस बीच ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव हन्नान मोला ने कहा है, "करीब 2 महीने से हम ठंड में मर रहे हैं। सरकार हमें तारीख पर तारीख दे रही है और मुद्दों को लंबा खींच रही है, ताकि हम थककर अपनी जगह छोड़ दें। यह सरकार की साजिश है।"

अपडेट्स

किसान संघर्ष समिति, हरियाणा के संयोजक मनदीप नाथवान ने कहा कि सरकार की शह पर कुछ लोग आंदोलन को हिंसक बनाना चाहते हैं। यह आंदोलन दिल्ली के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों के खिलाफ है।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि ज्यादातर किसान और एक्सपर्ट कृषि कानूनों के पक्ष में हैं। सुप्रीम कोर्ट की रोक के आदेश के बाद कानून लागू नहीं जा सकते। हमें उम्मीद है कि किसान 19 जनवरी की मीटिंग में कानूनों पर क्लॉजवाइज चर्चा करेंगे और बताएंगे कि कानून वापसी के अलावा क्या विकल्प चाहते हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के बागलकोट में एक इवेंट में कहा कि जो कांग्रेस नेता किसान हित की बात कर रहे हैं, उन्होंने सत्ता में रहते किसानों को 6000 रुपए क्यों नहीं दिए या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्यों नहीं बनाई? क्योंकि, उनकी मंशा सही नहीं थी। मोदी सरकार किसान हित में काम कर रही है। तीनों नए कानूनों से किसानों की आय कई गुना बढ़ जाएगी।

आंदोलन से जुड़े 50 लोगों को ग़्क्ष्ॠ का समन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने किसान आंदोलन से जुड़े 50 से ज्यादा नेताओं और कारोबारियों को समन भेजा है। इनमें से कुछ लोगों से शनिवार को पूछताछ भी की गई। पटियाला के ग़्ङक्ष् दर्शन सिंह धालीवाल से दिल्ली एयरपोर्ट पर ढाई घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई। वहीं पटियाला में बब्बर खालसा के आतंकी जगतार सिंह हवारा के पिता गुरचरन सिंह और किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को भी ग़्क्ष्ॠ ने समन जारी किए हैं।

पंजाब के सभी जिलों के ट्रांसपोर्टर्स को नोटिस

ग़्क्ष्ॠ किसान आंदोलन में खालिस्तानी लिंक तलाशने और टेरर फंडिंग के एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी ने पंजाब के सभी जिलों के ट्रांसपोर्टर्स और कारोबारियों को नोटिस जारी किए। इनमें से आधों को दिल्ली पूछताछ के लिए बुलाया। जहां उनसे करीब तीन घंटे तक सवाल-जवाब हुए।

आंदोलन में फंडिंग और फ्री सर्विस का रिकॉर्ड मांगा

ग़्क्ष्ॠ की नजर लुधियाना के 17 कारोबारियों पर भी है, जिन्होंने दिल्ली आकर आंदोलन में सामान बांटा था। सूत्रों के मुताबिक लुधियाना, पटियाला, तरनतारन और अमृतसर के ट्रांसपोर्टर्स के जवाबों की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग हुई। कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी को फंड और फ्री सर्विस देने का रिकॉर्ड 21 जनवरी को लेकर आने के लिए कहा है।

Powered by Blogger.