BIRD FLU : चिकन और अंडा खाने से कोई खतरा है, जान लें कि खाने से पहले क्या करें? ...

नई दिल्ली. कोरोना के बाद बर्ड फ्लू से लोगों में दहशत है। देश के पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और केरल में मारे गए पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इस बीच लोगों के जहन में कई सवाल हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या मुर्गा या अंडा खाने से बर्ड फ्लू हो सकता है? बर्ड फ्लू से इंसान की जान जा सकती है? आज इन्हीं सवालों के जवाब देते हैं।

बर्ड फ्लू की खबर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि हमने अक्टूबर में ही सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दिया था। हमारा कंट्रोल रूम भी बना है। अभी इंसानों में बर्ड फ्लू फैलने की कोई रिपोर्ट नहीं है।

बर्ड फ्लू की खबर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि हमने अक्टूबर में ही सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दिया था। हमारा कंट्रोल रूम भी बना है। अभी इंसानों में बर्ड फ्लू फैलने की कोई रिपोर्ट नहीं है।

सवाल- क्या अंडा या मुर्गा (चिकन) खाने से बर्ड फ्लू हो सकता है?

जवाब- इस सवाल का जवाब केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया। उन्होंने कहा, विश्व पशु संगठन उसने कहा है कि अच्छे से पके पोलेट्री मीट और अंडे को खाने में कोई दिक्कत नहीं है। इससे कोई रोग नहीं फैलता है।

सवाल- क्या अंडा या मुर्गा (चिकन) खाने से बर्ड फ्लू हो सकता है?

जवाब- इस सवाल का जवाब केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया। उन्होंने कहा, विश्व पशु संगठन उसने कहा है कि अच्छे से पके पोलेट्री मीट और अंडे को खाने में कोई दिक्कत नहीं है। इससे कोई रोग नहीं फैलता है।

सवाल- क्या इससे इंसान की मौत हो सकती है?

जवाब- हां, इससे इंसान की मौत हो सकती है। बर्ड फ्लू से संक्रमित होने वालों में 60% लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन अच्छी बात ये है कि ये पक्षियों से इंसानों में जल्दी नहीं फैलता है। इससे भी अच्छी बात ये है कि ये इंसानों से इंसानों में नहीं फैलता है।

सवाल- क्या इससे इंसान की मौत हो सकती है?

जवाब- हां, इससे इंसान की मौत हो सकती है। बर्ड फ्लू से संक्रमित होने वालों में 60% लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन अच्छी बात ये है कि ये पक्षियों से इंसानों में जल्दी नहीं फैलता है। इससे भी अच्छी बात ये है कि ये इंसानों से इंसानों में नहीं फैलता है।

सवाल- बर्ड फ्लू से अभी कहीं पर किसी की मौत हुई है?

जवाब- भारत में तो बर्ड फ्लू से किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन साल 1997 में चीन के हांगकांग में 18 लोग बर्ड फ्लू से संक्रमित हुए थे, जिसमें 6 लोगों की बीमारी से मौत हो गई थी।

सवाल- बर्ड फ्लू से अभी कहीं पर किसी की मौत हुई है?

जवाब- भारत में तो बर्ड फ्लू से किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन साल 1997 में चीन के हांगकांग में 18 लोग बर्ड फ्लू से संक्रमित हुए थे, जिसमें 6 लोगों की बीमारी से मौत हो गई थी।

सवाल- भारत में पहली बार बर्ड फ्लू कब आया था?

जवाब- भारत में बर्ड फ्लू की पहली रिपोर्ट 19 फरवरी 2006 को महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के नवापुर गांव से आई। ग्रामीणों ने गांव में कई पक्षियों की मौत की सूचना दी। महाराष्ट्र राज्य पशुपालन मंत्रालय के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। लैब में जांच करने पर पता चला कि मुर्गी H5N1 वायरस से संक्रमित थी।

सवाल- भारत में पहली बार बर्ड फ्लू कब आया था?

जवाब- भारत में बर्ड फ्लू की पहली रिपोर्ट 19 फरवरी 2006 को महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के नवापुर गांव से आई। ग्रामीणों ने गांव में कई पक्षियों की मौत की सूचना दी। महाराष्ट्र राज्य पशुपालन मंत्रालय के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। लैब में जांच करने पर पता चला कि मुर्गी H5N1 वायरस से संक्रमित थी।

सवाल- जब भारत में पहली बार बर्ड फ्लू आया तो सरकार ने क्या किया था?

जवाब- वायरस का पता चलने के बाद 253,000 मुर्गियों और 587,000 अंडों को पांच दिनों के अंदर ही खत्म कर दिया गया। जांच के लिए 150 इंसानों के ब्लड लिए गए और उन्हें पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया। सावधानी रखने के ट्रेनों को नवापुर में रोकने से मना कर दिया गया। महाराष्ट्र की सीमा से लगे राज्यों की सरकारों ने मुर्गी पालन के आयात पर रोक लगा दी। कुछ अन्य राज्य सरकारों जैसे कि तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर ने भी आयात पर रोक लग गई। भारत सरकार ने सिप्ला जैसी दवा कंपनियों को फ्लू को खत्म करने के लिए दवा बनाने के लिए कहा। सरकार ने टैमीफ्लू का स्टॉक करना भी शुरू कर दिया।

सवाल- जब भारत में पहली बार बर्ड फ्लू आया तो सरकार ने क्या किया था?

जवाब- वायरस का पता चलने के बाद 253,000 मुर्गियों और 587,000 अंडों को पांच दिनों के अंदर ही खत्म कर दिया गया। जांच के लिए 150 इंसानों के ब्लड लिए गए और उन्हें पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया। सावधानी रखने के ट्रेनों को नवापुर में रोकने से मना कर दिया गया। महाराष्ट्र की सीमा से लगे राज्यों की सरकारों ने मुर्गी पालन के आयात पर रोक लगा दी। कुछ अन्य राज्य सरकारों जैसे कि तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर ने भी आयात पर रोक लग गई। भारत सरकार ने सिप्ला जैसी दवा कंपनियों को फ्लू को खत्म करने के लिए दवा बनाने के लिए कहा। सरकार ने टैमीफ्लू का स्टॉक करना भी शुरू कर दिया। 

सवाल- इंसानों में बर्ड फ्लू होने का लक्षण क्या है?

जवाब- बर्ड फ्लू के वायरस पक्षियों में सीधे आंत को संक्रमित करते हैं, लेकिन इंसानों में ऐसा नहीं है। इंसानों में ये वायरस सांस नली पर हमला करते हैं, जिससे सांस लेने से जुड़ी बीमारियां जैसे निमोनिया या एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) हो सकती हैं। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश और कभी-कभी पेट दर्द और दस्त शामिल हैं।

सवाल- इंसानों में बर्ड फ्लू होने का लक्षण क्या है? 

जवाब- बर्ड फ्लू के वायरस पक्षियों में सीधे आंत को संक्रमित करते हैं, लेकिन इंसानों में ऐसा नहीं है। इंसानों में ये वायरस सांस नली पर हमला करते हैं, जिससे सांस लेने से जुड़ी बीमारियां जैसे निमोनिया या एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) हो सकती हैं। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश और कभी-कभी पेट दर्द और दस्त शामिल हैं।

सवाल- सबसे ज्यादा बर्ड फ्लू से किसे खतरा है?

जवाब- ये पक्षियों से इंसानों में जा सकता है। सबसे अधिक खतरा उन लोगों को है जो पोल्ट्री का काम करते हैं या अक्सर खेतों में जाते हैं। उन्हें सबसे अधिक सावधानी बरतनी होगी।

सवाल- सबसे ज्यादा बर्ड फ्लू से किसे खतरा है?

जवाब- ये पक्षियों से इंसानों में जा सकता है। सबसे अधिक खतरा उन लोगों को है जो पोल्ट्री का काम करते हैं या अक्सर खेतों में जाते हैं। उन्हें सबसे अधिक सावधानी बरतनी होगी।

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