REWA : केंद्रीय मंत्री ने वेबिनार से किया दिव्यांगों को कृत्रिम उपकरण वितरण का शुभारंभ

रीवा। जिला प्रशासन, भारत सरकार की संस्था एलिम्को तथा जिला रेडक्रास समिति द्वारा शासकीय मार्तण्ड विद्यालय क्रमांक एक में दिव्यांगजनों को कृत्रिम उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री थावरचंन्द्र गहलोत ने वेबिनार से कृत्रिम उपकरण वितरण का शुभारंभ किया। समारोह में वेबिनार से भोपाल से राज्य सरकार के सामाजिक न्याय मंत्री प्रेम सिंह पटेल शामिल हुए। रीवा में समारोह का शुभारंभ सांसद तथा विधायकगणों द्वारा कन्या पूजन करके किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री गहलोत ने कहा कि रीवा जिले में जिला प्रशासन ने शानदार प्रयास करके कृत्रिम उपकरणों के लिए दिव्यांगों का चयन किया है। रीवा ही वह क्षेत्र है जिसने यमुना प्रसाद शााी जी के रूप में देश को प्रथम नेत्रहीन सांसद दिया था। जिले भर में 18 से 29 नवंबर तक आयोजित शिविरों में 14 हजार से अधिक दिव्यांगों की जांच की गई। इनमें से 5057 दिव्यांगों को चार करोड़ 81 लाख रूपये के 26 तरह के कृत्रिम उपकरण प्रदान किये जाएगे। कृत्रिम उपकरण दिव्यांग को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने तथा देश के विकास में योगदान देने का अवसर देते हैं। इन शिविरों में पूरी पारदर्शिता के साथ कृत्रिम उपकरणों का वितरण किया जा रहा है। दिव्यांग जनों की जांच के लिए आयोजित शिविरों को सफल बनाने में सांसद रीवा की व्यक्तिगत रूचि तथा कलेक्टर रीवा एवं उनकी टीम के प्रयास सराहनीय रहे। रीवा में मध्यप्रदेश के सबसे सफल दिव्यांग शिविरों का आयोजन किया गया।

मंत्री श्री गहलोत ने कहा कि एडिप योजना के तहत अब तक देश भर में 9 हजार 456 शिविर लगाकर 17 लाख से अधिक दिव्यांगों को 1027 करोड़ से अधिक राशि के कृत्रिम उपकरण वितरित किए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश में 857 शिविर लगाकर 12 हजार से अधिक दिव्यांगों को कृत्रिम उपकरण दिए गए हैं। कृत्रिम उपकरण बनाने वाली भारत सरकार की संस्था एलिम्को के आधुनिकीकरण के लिए 338 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदैव दिव्यांगों के कल्याण की चिंता की है। उनकी पहल पर दिव्यांगों की श्रेणियां 7 से बढ़ाकर 21 कर दी गई हैं। दिव्यांगों को सहूलियत देने के लिए सुगम योजना पूरे देश में लागू की गई है। इसके तहत सभी शासकीय कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों में दिव्यांगों के सुगम आवागमन की व्यवस्था की गई है। दिव्यांगों के कल्याण के लिये काम करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को 9 करोड़ 12 लाख रूपये की सहायता उपलब्ध करायी गई है। मूक बधिर दिव्यांगों के लिए 6 हजार शब्दों की सांकेतिक भाषा का शब्दकोश तैयार किया गया है। दिव्यांगों को हर क्षेत्र में पूरा अवसर देने के लिए सरकार सेवा भाव से प्रयास कर रही है।

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