Corona Vaccine के रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों को ठगने की नयी तरकीब, हैकर्स से हो जायें सावधान..




दिल्ली साइबर सेल के डीसीपी अन्येश रॉय के मुताबिक साइबर अपराधियों का काम डर और लालच के आधार पर चलता है. उन्हें लग रहा है कि कोरोना वैक्सीन के नाम पर वो लोगों को ठग सकते हैं. डीसीपी ने बताया कि कोरोनो वैक्सीन के नाम पर लोगों के पास ईमेल या मैसेज आ रहे हैं. उस ईमेल या मैसेज में लिखा होता है कि कोरोनो वैक्सीन उपलब्ध है. उसके आगे रुपये लिखे होते हैं. वो 10 हजार से 30 हजार के बीच कुछ भी हो सकता है.

डीसीपी के मुताबिक ईमेल और मैसेज में लिखा होता है कि अगर किसी वजह से वैक्सीन नहीं मिल सकी तो पैसे वापस कर दिए जाएंगे. ये शातिर लोग वैक्सीन देने के नाम पर बिटक्वाइन में पैसों की मांग कर रहे हैं. साइबर अपराधियों के पास लोगों को ठगने के लिए सिर्फ यही तरीका नहीं है. इस बार ये लोग नए-नए तरीके भी अपना रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक हैकर्स ने कुछ अलग तरह से लोगों को ठगने का तरीका भी ढूंढ निकाला है. वे शातिर साइबर अपराधी लोगों को अटैचमेंट भेज रहे हैं. जिसमें कुछ भी जानकारी डाल दी जाती है. फिर जैसे ही कोई लिंक खोलता है, तो उसका सारा डाटा उनके पास कॉपी हो जाता है.

सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है कि कोरोन वैक्सीन के नाम पर फेक कॉल किए जा रहे हैं. जिसमें कॉलर को रजिस्ट्रेशन के लिए कहा जाता है. और जल्द वैक्सीन देने की बात कही जाती है. फिर एक ओटीपी आता है और जैसे ही सामने वाला ओटीपी शेयर करता है. उसके अकाउंट से पैसे गायब हो जाते हैं.

साइबर सेल के डीसीपी रॉय का कहना है कि अगर किसी के पास कोरोना वैक्सीन से जुड़े रजिस्ट्रेशन के लिए फोन आता है, तो सावधान हो जाएं. कहीं भी किसी के कहने पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपया ना जमा कराएं. इससे पहले सरकार के नियम और तरीके जरूर जान लें. हालांकि अन्येश रॉय का कहना था कि उनके पास इस तरह की अब तक कोई शिकायत नहीं आई है.

उधर, नोएडा पुलिस के एडिश्नल डीसीपी अंकुर अग्रवाल के मुताबिक इसमें कोविड वैक्सीन को लेकर फोन आता है. फिर रजिस्ट्रेशन के नाम पर आधार कार्ड और पैन कार्ड का डीटेल मांगा जाता है. इसके बाद बोला जाता है कि एक ओटीपी आएगा रजिस्ट्रेशन के लिए और जैसे ही आप ओटीपी शेयर करते हैं. आपके अकाउंट से पैसे निकल जाते हैं, इसलिए सावधान हो जाए.

साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल ने इस वक्त को साइबर क्राइम का स्वर्णिम युग करार दिया है. उनका कहना है कि अगर किसी के पास कोई फ़ोन आता है और कोई भी जानकारी मांगी जाए तो बिल्कुल ना दें, नहीं तो आप ठगी का शिकार बन सकते हैं. साथ में पवन दुग्गल ने हिदायत दी है कि कोई अनजान अटैचमेंट न खोलें. ऐसा करने पर साइबर अपराधी आपको अपना शिकार बना सकते हैं.
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