MP : कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा शिकार 60 वर्ष से अधिक के बुजुर्ग , घर में किसी को सर्दी खांसी हो तो उससे परिवार के बुजुर्ग को रखें दूर

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इंदौर । कोविड संक्रमण का सबसे ज्यादा शिकार बुजुर्ग होते है। इंदौर में अब तक कोविड संक्रमण से 60 वर्ष से अधिक के 500 से ज्यादा बुजुर्गों की मौत हो चुकी है। इंदौर अब जब कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, ऐसी स्थिति में भी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों मेे 25 से 30 फीसद बुजुर्ग मरीज है। इस वजह से राज्य शासन ने बुजुर्गों के संक्रमण से बचाव व संक्रमण होने पर इलाज के लिए एक गाइडलाइन जारी की है, ताकि इसका पालन कर उन्हें बेहतर इलाज व चिकित्सा सुविधा दी जा सकती है। चिकित्सकों के मुताबिक यदि परिवार में किसी भी व्यक्ति में सर्दी व खांस के लक्षण दिखाई तो उस परिवार के बुजुर्ग को उससे दूर रहना चाहिए ताकि किसी भी तरह का संक्रमण उन तक न पहुंचे।

कोविड संक्रमण होने पर बुजुर्गों की नियमित दवाओं को न बदलें

राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत इंदौर सहित प्रदेश के विशेषज्ञ डाक्टरों की सलाह पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के इलाज के लिए गाइडलाइन बनाई गई है। अरबिंदो अस्पताल के चिकित्सक डा. रवि डोसी के मुताबिक अभी तक जो मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे है उनमें 25 से 30 फीसद बुजुर्ग हैं। इस वजह से ऐसे लोगों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बुजुर्ग व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद उन्हें कोविड के इलाज के दौरान इस तरह की दवाएं दी जाए जिससे उनके गुर्दे व लीवर पर सूजन न आए। अधिकांश बुजुर्ग हृदय व डायबीटिज संबंधित दवाएं नियमित लेते है जिससे वो नियंत्रित रहते हैं। कोविड के इलाज के दौरान उनकी नियमित दवाओं को लागू किया जाए। नई दवाओं का प्रयोग न किया जाए।

बीमारी से रिकवरी में भावनात्मक पहलू का रखे विशेष ध्यान

बुजुर्ग व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात इलाज के लिए परिवार के सदस्यों से दूर रहना पड़ेगा। उनकी बीमारी से रिकवरी में भावनात्मक पहले भी काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अस्पताल में भी उनकी विडियो कालिंग के माध्यम से घर के बच्चों व अन्य सदस्यों से बात हो सके, यह सुनिश्चित किया जाए। इससे उनके स्वास्थ्य में सुधार जल्द हो सकता है। बुजुर्गो को होम क्वारंटाइन में रखने पर उनके विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस बात का ध्यान रखे कि उनकी नियमित दवाएं अचानक खत्म न हो। यदि जरूरी हो तो घर में उनकी देखभाल करने के लिए पीपीई किट पहनकर कोई नर्स इलाज के लिए रह सके, ऐसी व्यवस्था करें। बुजुर्गो को दिए जाने वाले एंटीबायोटिक दवाओं के फायदे व साइड इफैक्ट विशेषकर पेट संबंधित समस्यांओं पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। बुजुर्गो की खुराक कम होती है और दवाई की वजह से उनकी भूख कम हो सकती है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य सुधार में देरी हो सकती है। उनके भोजन में प्रोटीन की मात्रा अधिक रखी जाए ताकि उनकी इम्युनिटी अच्छी रहे।

बुजुर्गों की हुई ज्यादा मौत, इस कारण उनकी सुरक्षा के लिए बनाई गाइडलाइन

कोविड में शुरू से ही देखने में आ रहा है कि जिन बुजुर्ग मरीजों को ब्लड प्रेशर, सीओपीडी, डायबिटीज, किडनी की बीमारी होती है उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। उम्रदराज होने से उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। कोविड संक्रमण के कारण बुजुर्गों की ज्यादा मौत हुई है। कोविड को देखते हुए बुजुर्गों के देखभाल के लिए गाइडलाइन बनाई गई। इसमें बताया गया है कि उन्हें बीमारी होने से कैसे बचाया जाए और यदि संक्रमण हो जाए तो इलाज कैसे किया जाए। हम इस गाडडलाइन को स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सालयों में काम करने वाले चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों तक पहुंचाएंगे। इसे बजुर्ग व आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

डॉ. शरद तिवारी, उप संचालक वृद्धजन स्वास्थ्य,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र

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