MP : बस संचालकों की मांग मानने जा रही सरकार, किराया 25 पैसे बढ़ा तो भी फायदे में रहेंगे संचालक

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इंदौर। लंबे समय से बसों का किराया बढ़ाने की मांग कर रहे बस संचालकों की मांग सरकार मानने जा रही है। 1 मार्च से बसों का किराया बढ़ाया जाएगा। संभावना है कि बसों का किराया प्रति किलोमीटर 25 पैसे बढ़ा दिया जाएगा। ऐसा होने पर भी बस संचालक फायदे में रहेंगे। डीलक्स बसों का हवाला देकर बस संचालक 25 प्रतिशत तक का किराया बढ़ा लेंगे। जिससे उनकी मांग के अनुसार किराया हो जाएगा। लाकडाउन के पहले से डीजल की कीमतों का हवाला देकर बस संचालक 55 से 60 प्रतिशत तक का किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभी किराया पहले पांच किलोमीटर के लिए सात रुपये और उसके बाद प्रति किलोमीटर के लिए एक रुपये है।

इस हिसाब से बस संचालक 55 से 60 पैसे किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार किराया बोर्ड ने 25 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने की अनुशंसा की है। जिसमें पहले पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद प्रति किलोमीटर 1 रुपये 25 पैसे किराया हो जाएगा। एक-दो दिनों में नोटिफिकेशन हो जाएगा। परिवहन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार यह किराया सामान्य बसों के लिए होता है। इसके बाद डीलक्स बसों, एसी स्लीपर डीलक्स बसों का किराया बढ़ता जाता है। आजकल सभी बसें डीलक्स और एसी डीलक्स होती हैं। ऐसे में अगर सरकार सामान्य बसों का किराया 1 रुपये 25 पैसे तय करती है, तो बस संचालक आम जनता से 1 रुपये 56 पैसे प्रति किलोमीटर तक तक किराया वसूल लेंगे।

हालांकि बस संचालकों का कहना है कि हम लंबे समय से घाटा उठा रहे हैं। जब बसों का किराया बढ़ा था, उस समय डीजल करीब 65 रुपये लीटर था। आज इसका भाव 90 रुपये के करीब होने आया है। ऐसे में संचालन करना ही मुश्किल हो रहा है। सरकार कितना किराया बढ़ाती है, इसके बाद हम आगे की रणनीति तय करेंगे।

किराया बढ़ाने का विरोध

इंदौर-महू रेल यात्री संघ के संयोजक अनिल ढोली ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर किराया नहीं बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब आदमी वैसे ही महंगाई से परेशान है। अब ऐसे में किराया बढ़ाने से अपडाउन करने वालों को परेशानी होगी। बस संचालक पहले ही मनमाना किराया ले रहे हैं।

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