REWA : एक अप्रेल से महंगी हो जाएंगी जमीन की रजिस्ट्रियां, शहर से जुड़े इन जगहों पर बढ़ाई कीमत

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रीवा. जिला मूल्यांकन समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2021-22 के लिए अचल सम्पत्ति के बाजार मूल्य निर्धारण के लिए कलेक्टर गाइडलाइन पर विचार किया गया। बैठक में जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 14.41 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

शासन के अनुमोदन पर नवीन दरें हो लागू की जाएंगी

शासन स्तर से स्वीकृति के बाद नवीन दरें लागू की जाएंगी। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर इलैयाराजा टी ने की। कहा कि भूमि की वास्तविक कीमत तथा प्रचलित बाजार मूल्य के अनुसार गाइडलाइन की दरें निर्धारित करें। गाइडलाइन निर्धारण के लिए शासन द्वारा नए निर्देश जारी किए गए हैं। इनके अनुरूप प्रस्ताव तैयार करें। पुरानी रजिस्ट्री के मूल्य तथा बाजार का सर्वे करके उसके अनुसार पंजीयन की दरों में परिवर्तन करें।

पांच साल से कोई मूल्य वृद्धि नहीं

गाइडलाइन की दरों में वर्ष 2014-15 से कोई मूल्य वृद्धि नहीं की गई है। इसलिए लगभग 20 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि करना उपयुक्त होगा। नवीन दरों का निर्धारण इस प्रकार करें कि राजस्व में वृद्धि के साथ आर्थिक गतिविधियों तथा निवेश को भी बढ़ावा मिले। घनी आबादी के क्षेत्रों विशेषकर नगर निगम की सीमा में स्थित कृषि भूमि के भूखण्ड दरों के समान दर निर्धारित करें।

गाइड लाइन में 3402 नवीन प्रविष्टियां

जिला पंजीयक रत्नेश भदौरिया ने बताया कि बाजार का सर्वेक्षण करने के बाद नई गाइडलाइन के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। शासन के नवीन गाइड लाइन के अनुसार 3402 नवीन प्रविष्टियां की गई हैं। जिले में 365 नई कालोनियों तथा लोकेशन्स एवं 12 विशिष्ट ग्रामों को जोड़ा गया है।

रीवा में शहर से जुड़े इन जगहों पर बढ़ाई कीमत

इन गांवों में रीवा शहर से जुड़े हुए गांव सगरा, लक्ष्मणपुर, रामनई, चोरगड़ी, सिलपर, सिलपरी, मझिगंवा, धौचट शामिल हैं। नगर पंचायत त्योंथर के आसपास के गांव नगर पंचायत में शामिल हो गए हैं, किन्तु इनमें ग्राम पंचायत भी दर्शाया जा रहा था जिन्हें हटा दिया गया है। इन गांवों में नगर पंचायत की गाइडलाइन के अनुसार पंजीयन होगा।

कृषि भूमि में 5 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि

बैठक में जिला पंजीयक ने बताया कि नगर निगम रीवा की सीमा में स्थित कृषि भूमि में 5 से 25 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। नगर के चार स्थानों में जमीन की कीमत अधिक होने के कारण इनमें स्थित कृषि भूमि की भूखण्ड की दरों के समान गणना की जायेगी। नगर के 289 स्थलों में सघन व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण आवासीय एवं व्यावसायिक दरें एक समान की रही हैं। बैठक में सिरमौर, त्योंथर तथा हनुमना उप पंजीयक कार्यालय के क्षेत्रों में भी गाइडलाइन की दर निर्धारण पर चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े, एडीएम इला तिवारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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