MP : निजी केंद्रों में भी होगी गेहूं की खरीद, मंडी से लेना होगा लायसेंस : पढ़िए पूरी जानकारी

भोपाल । कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान संगठनों के आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश सरकार किसानों को उपज बेचने के लिए और सुविधाएं देगी। 4,529 उपार्जन केंद्रों पर राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और राज्य विपणन सहकारी संघ खरीद करेंगे तो निजी क्षेत्र को भी क्रय केंद्र खोलने की अनुमति दी जाएगी।

शताब्दी एक्सप्रेस के सिग्नल तोड़कर आगे बढ़ने के मामले में लोको पायलट संजय खरे निलंबित

आइटीसी कंपनी सहित कुछ व्यापारी क्रय केंद्र खोलने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्हें मंडी बोर्ड से लायसेंस लेना होगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार गेहूं 1,975 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जाएगा। बीस लाख किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने का अनुमान है।

स्कूली शिक्षा के मामले में फिसड्डी निकला मध्यप्रदेश, नेशनल अचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस ने बोला हमला

माना जा रहा है कि मंडियां खुलने की वजह से खरीद 125 लाख टन रह सकती है। पिछले साल रिकॉर्ड 129 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। सुप्रीम कोर्ट के स्थगन की वजह से मंडी अधिनियम पुराने स्वरूप में आ गया है। इसके तहत व्यापारियों को यदि किसानों से सीधे उपज खरीदना है तो उन्हें क्रय केंद्र खोलने का लाइसेंस लेना होगा।

बैतूल और नीमच के कलेक्टर पर गिरी गाज, गुना-निवाड़ी के SP भी हटाए

आइटीसी कंपनी हर साल मध्य प्रदेश में खरीद करती है। इसी तरह कुछ व्यापारी भी लाइसेंस लेकर खरीद करते हैं। कोरोनाकाल में मंडी में व्यापार करने वाले अधिकांश व्यापारियों ने लायसेंस ले लिए थे। इस बार वैसी स्थिति तो नहीं है पर सभी संभागों में आवेदन आ रहे हैं। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इनके बारे में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

Powered by Blogger.