ध्यान दें : बीमार व्यक्ति से मिलने जाते समय कुछ बातों का ख़ास ख़्याल रखने की ज़रूरत होती है, आइए जानते हैं इस बारे में

Telegram

सुख-दुख तो मानव जीवन के साथ जुड़ा हुआ है। दूसरों के दुख-दर्द में काम आना ही सच्ची मानवता है। जब भी कोई अपना परिचित बीमार हो जाता है तो उससे मिलने, उसका हौसला बढ़ाने या उसकी मदद करने हम जाते ही हैं। एक और वजह है जाने की - शिष्टाचारवश। 

अगर इस वजह से जाना हो, तो केवल फोन पर ही हाल ले लें, तो बेहतर। इससे बीमार इंसान को आपसे कोई आस नहीं रहेगी। अगर सचमुच परवाह की वजह से मिलने जा रहे हों, तो चंद बातों का ख़्याल रखें। 1 अगर आपके परिचित अस्पताल में भर्ती हैं, तो इन दिनों फोन करके ही जाना बेहतर होगा। यह भी पता कर लें कि उन्हें किसी बड़ी मदद की ज़रूरत तो नहीं है। 

2 बीमार व्यक्ति से मिलने जाने का एक अहम उद्देश्य यह भी होता है कि बीमार को ऐसा नहीं लगे कि वह दुख-दर्द में अकेला है, वरन जब भी आप उससे मिलने जाते हैं तो इससे बीमार की हिम्मत बढ़ती है। 3 अस्पताल में मुलाकात का समय ज्ञात कर लें। पूरी कोशिश करें कि आप सही समय पर अस्पताल पहुंचें और उचित समय पर वहां से वापस लौट सकें। हड़बड़ी में मिलने से ना तो मदद कर पाएंगे और ना ही कोई बात हो पाएगी। 4 जहां तक संभव हो बीमार के पास भीड़ नहीं लगाएं। डॉक्टर की विज़िट का समय हो, तो चुपचाप बाहर निकल आएं। 

तीमारदार और डॉक्टर को ही बीमार के पास रहने दें। अनावश्यक राय तो कतई ना दें। 5 बीमार को ज़्यादा बोलने के लिए ना उकसाएं। हंसी-मज़ाक करके माहौल को हल्का करने की ग़लतफहमी ना रखें। अस्पताल में और भी मरीज़ होते हैं, जो हो सकता है गंभीर स्थिति से जूझ रहे हों। उनका भी ख़्याल रखें। 6 फल ले जाने से पहले पूछ लें कि मरीज़ को उनका सेवन करने की अनुमति है भी या नहीं। फूल अस्पताल ले जाना कारगर नहीं रहता। घर पर देखने जाएं, तो उनको गुलदान में रखकर उपयोग किया जा सकता है।

 7 यदि आप बीमार महिला से मिलने जा रहे हों, तो विशेष ध्यान रखें। बिना पूछे हरगिज़ कमरे में प्रवेश ना करें। बीमार के पास बहुत ज़्यादा देर ना बैठें। इलाज के दौरान कई तरह के उपकरण महिला की मदद को लगे होंगे, जिनके कारण उनकी स्थिति अस्त-व्यस्त हो सकती है, ऐसे में हो सकता है कि वे ख़ुद और उनके परिजन पुरुषों की उपस्थिति में कुछ असहज महसूस करें। इसलिए मदद के लिए भी जाना हो, तो बस कुछ पल बैठें और बाहर आ जाएं। बाहर परिजनों से बात कर सकते हैं। 8 बीमार व्यक्ति के अलावा परिजनों को भी उनका घर संभालने, बच्चों की देखभाल, खान-पान आदि की सुविधाएं पाने की ज़रूरत होती है। उनकी मदद करना, उनके लिए स्थितियों को आसान बनाना भी एक तरह से बीमार की मदद करना ही है।

सलाहें पुरानी हैं, लेकिन याद रखना ज़रूरी है

- डॉक्टर से फिज़ूल बात ना करें, ना पहचान निकालने की कोशिश में उनका समय बर्बाद करें।

- अस्पताल के स्टाफ के साथ विनम्रता से पेश आएं व नियमों के पालन में पूरा सहयोग करें।

- घर से बनाकर चाय-नाश्ता ले जाएं। तीमारदार को इसकी सख़्त ज़रूरत होती है।

- अपनी तरफ से किसी नुस्खे या दवा की सलाह ना दें।

- किसी अन्य बीमार का उदाहरण ना दें।

Powered by Blogger.