REWA : छात्रों से पूछा जाएगा कि किस तरह का चाहते है रोजगार, युवाओं को यहां मिलेंगी नौकरियां : पढ़िए पूरी जानकारी

रीवा। कालेजों में पढऩे वाले छात्रों से अब यह पूछा जाएगा कि वह किसी तरह के रोजगार या नौकरी के जरिए अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए बकायदे रिपोर्ट तैयार की जाएगी और सरकार को भेजी जाएगी। जिसके बाद सरकार पूरे प्रदेश की रिपोर्ट के आधार पर यह आंकलन करेगी कि किस क्षेत्र में किस तरह के रोजगार से जोडऩे की आवश्यकता है।

उच्च शिक्षा विभाग का सभी कालेज प्राचार्यों के पास पत्र आया है जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में निजी एवं शासकीय क्षेत्रों में मेनपावर की आवश्यकताओं का आंकलन किया जाना है। इसका सर्वेक्षण करने के लिए कालेज प्रमुख इकाई साबित हो सकते हैं।

सामान्यतौर पर 18 से 25 वर्ष आयु के अधिकांश युवा कालेजों में ही अध्ययनरत हैं। इसलिए इनसे पूछने पर एक अनुमान लगेगा कि कितनी संख्या में प्रदेश में रोजगार की आवश्यकता है। साथ ही यह पता चलेगा कि किस क्षेत्र में युवाओं की रुचि अधिक है। कालेज प्राचार्यों से कहा गया है कि क्षेत्रवार और विषयवार कालम के आधार पर छात्रों से जानकारी एकत्र की जाए। इसकी जानकारी आगामी पांच मार्च के पहले भेजनी होगी।

जिले के उद्योगों की जानकारी भी देनी होगी

जिले में लघु एवं कुटी उद्योग संस्थाओं की संख्या की जानकारी भी कालेजों से ही मांग की गई है। कुछ समय पहले ही सरकार ने यह नियम बनाया है कि मध्यप्रदेश के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को ७० फीसदी रोजगार दिया जाना अनिवार्य है। इसका पालन नहीं करने पर संबंधित उद्योगों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। अब कालेजों से जानकारी मंगाने के बाद सरकार संबंधित उद्योगों में रोजगार मुहैया कराए जाने का निर्देश भी देने की तैयारी में है।

कालेजों में प्लेसमेंट सेल की होगी स्थापना

सभी सरकारी कालेजों में प्लेसमेंट सेल की स्थापना की जाएगी। अब तक इसका कार्य कालेजों स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की देखरेख में होता रहा है। अब इसके लिए अलग से नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने आगामी २८ फरवरी के पहले प्लेसमेंट सेल को लेकर की जाने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।

स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जरिए अब तक छात्रों को रोजगार की जानकारी दी जाती रही है। शासन ने छात्रों की रोजगार को लेकर अभिरुचि की जानकारी मांगी है। छात्रों से पूछा जा रहा है कि वह किस तरह का रोजगार पाने के इच्छुक हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट निर्धारित समय से पूर्व शासन को भेजी जाएगी।

डॉ. पंकज, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा

विश्वविद्यालय के मॉडल कैरियर स्किल सेंटर पर ताला

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए सरकार ने मॉडल कैरियर एण्ड स्किल सेंटर की स्थापना की थी। जिस पर बीते कई महीने से ताला बंद है। इसके संचालन की जिम्मेदारी को लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं, उनका कहना है कि यह जिला प्रशासन की ओर से दी गई व्यवस्था है।

विश्वविद्यालय ने केवल भवन मुहैया कराया था। बीते साल जब यह सेंटर संचालित हो रहा था तो यहां पंजीकृत युवाओं से उनकी रोजगार की इच्छा पर सर्वे किया गया था। जिसमें पता चला था कि सबसे अधिक संख्या में रीवा जिले के युवा सोलर पॉवर प्लांट में रोजगार चाहते हैं।

गुढ़ के पास बदवार पहाड़ में स्थापित किया गया, यह हाल का सबसे बड़ा उद्योग है। इसलिए युवाओं का मानना था कि यहां अधिक संख्या में नौकरियों के अवसर भी मिल सकेंगे। इसके बाद सीमेंट कंपनियां भी युवाओं की पसंद हैं। अधिकांश युवा ऐसे भी रहे हैं जो रोजगार के लिए किसी भी क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार थे।

बताया गया है कि इसमें ताला बंद होने से पहले तक 8500 युवाओं को रोजगार की काउंसिलिंग के लिए पंजीयन किया गया था। जिसमें रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली जिलों के युवा शामिल थे। उस दौरान दावा किया गया था कि 3100 लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ा गया था। एक ओर शासन युवाओं से रोजगार को लेकर काउंसिङ्क्षलग कराने की तैयारी में है, वहीं पहले से संचालित संस्थाएं बंद होती जा रही हैं।

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