MP : सरकार बेखबर : सतना जिला अस्पताल में मोबाइल की लाइट पर तैयार होती है कोरोना जांच रिपोर्ट; CMHO बोले- इसे पॉजिटिव लेना चाहिए

       

विंध्य क्षेत्र में सतना जिला अस्पताल के हाल बुरे हैं। जिस कोरोना का नाम सुनकर लोगों के पसीने छूट जाते हैं, उसकी जांच रिपोर्ट बनाने को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है? जानकर हैरानी होगी कि जिला अस्पताल में कोरोना की जांच रिपोर्ट मोबाइल की लाइट में तैयार कराई जा रही है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो देख लोग भी हैरान रह गए। अस्पताल सूत्रों का दावा है, ये नई बात नहीं है। इस बारे में सीएमएचओ का कहना है कि इस मामले को पॉजिटिव लेना चाहिए। कर्मचारी अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं।

पाॅवर बैकअप तक नहीं

मंगलवार दोपहर करीब 3.30 बजे जिला अस्पताल में मोबाइल की रोशनी से कोरोना जांच की तस्वीर और वीडियो सामने आया। इसमें लैब टेक्नीशियन मोबाइल की लाइट में कोरोना के सैंपल की जांच करते दिख रहे हैं। इसके बाद रिपोर्ट भी तैयार करते हैं।

22 लाख की आबादी के लिए जिला अस्पताल

2011 की जनगणना के मुताबिक जिले की आबादी 22.3 लाख है, लेकिन वर्तमान में जिले की आबादी 25 से 28 लाख पहुंच गई है। मध्यमवर्गीय लोग निजी नर्सिंंग होम में इलाज कराते हैं, जबकि संपन्न लोग भोपाल दिल्ली या नागपुर के भरोसे रहते हैं। अस्पताल में बदइंतजामी का आलम ये है कि कागजों में ​तो जिला अस्पताल 500 बेड वाला है, लेकिन समुचित 300 से 400 बेड तक की व्यवस्था ठीक से नहीं है। ज्यादातर डॉक्टर स्वयं का क्लीनिक चलाते हैं।

काेई तकनीकी दिक्कत रही होगी

मामले में सीएमएचओ डॉ. अशोक अवधिया कहते हैं कि इस मामले को पॉजिटिव लेना चाहिए। कोरोना जैसी महत्वपूर्ण जांच का सैंपल मिस न हो ऐसे में कर्मचारी ड्यूटी देते रहे, जबकि वो लोग काम बंद भी कर सकते थे। रही बात लाइट की, तो जिला अस्पताल में बैकअप व्यवस्था है। कुछ तकनीकी दिक्कत रही होगी, इसलिए लाइट आने में दो चार मिनट लग गए होंगे।

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