REWA : फर्जी छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति आहरित करने वाले कालेज संचालक सहित दस पर FIR दर्ज

       

रीवा। छात्रवृत्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले निजी कालेज प्रबंधन और उसका सहयोग करने वालों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई इओडब्ल्यू ने शिकायत मिलने के बाद लंबी जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद की है। जिसमें कालेज संचालक सहित दस को आरोपी बनाया गया है, सभी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

बताया गया है कि इओडब्ल्यू को एक शिकायत मिली थी, जिस पर आरोप था कि सीधी में संचालित एसएसआइपीएस कालेज में शिक्षण सत्र २०१३-१४ में पोस्ट मैट्रिक पाठ्यक्रम में फर्जी रूप से ८९ छात्रों का एडमिशन किया गया था, और उनमें से अधिकांश के नाम पर फर्जी बैंक खाता देकर छात्रवृत्ति स्वयं आहरित कर ली है। इसकी जांच में पाया गया कि शिकायत के आरोप सही हैं, कालेज में फर्जी रूप से छात्रों के प्रवेश बताए गए और उनके बैंक खाते के ब्यौरे में इलाहाबाद बैंक का खाता पोर्टल पर भर दिया।

इस बैंक खाते का संचालन कालेज का संचालक राकेश प्रताप सिंह स्वयं संचालित करता था और जो भी छात्रवृत्ति की राशि शासन द्वारा आती थी उसे वह आहरित कर लेता था। बता दें कि इसके पहले रीवा में करीब दो दर्जन से अधिक लोगों पर छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपए का घपला करने के आरोप में मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

पत्नी के नाम एनजीओ के जरिए करता था राशि आहरित

इओडब्ल्यू ने जांच में पाया है कि एसएसआइपीएस कालेज का संचालक राकेश सिंह परिहार एक एनजीओ के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि आहरित करता था। अभिनव पहल सामाजिक एवं शिक्षण समिति सीधी नाम की संस्था की अध्यक्ष कंचन सिंह हैं जो कालेज संचालक की पत्नी हैं। छात्रवृत्ति की राशि उक्त एनजीओ के खाते में आती थी और उसे स्वयं के उपयोग में कालेज संचालक लेता था। जिन छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति की वह राशि आहरित कर रहा था, उनके प्रवेश के दस्तावेज भी फर्जी रूप से जुटाए गए थे। जिसमें आजाक विभाग के सहायक आयुक्त एवं छात्रवृत्ति की नोडल अधिकारी की भी मिली भगत पाई गई है।

14 लाख रुपए का किया घपला

अभी एक ही वित्तीय वर्ष 2013-14 की जांच की गई है, जिसमें 89 छात्रों के नाम पर फर्जी रूप से छात्रवृत्ति आहरित की गई है। इओडब्ल्यू की जांच में पता चला है कि छात्रवृत्ति की 2.67 लाख रुपए एवं शिक्षण शुल्क की राशि 11.56 लाख रुपए आहरित की गई थी। जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि फर्जी छात्रों के नाम पर 14.23 लाख रुपए का घपला कालेज संचालक ने पूरी टीम के साथ मिलकर किया है।

इन पर दर्ज हुआ है मामला

फर्जीवाड़े के आरोप में जिन लोगों पर एफआइआर दर्ज की गई है उसमें प्रमुख रूप से एसएसआइपीएस कालेज के संचालक एवं प्राचार्य राकेश प्रताप सिंह परिहार, नोडल कालेज की तत्कालीन प्राचार्य गीता भारती शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय मझौली सीधी, तत्कालीन सहायक आयुक्त आजाक एलआर मीणा, अभिनव पहल सामाजिक एवं शिक्षण समिति की अध्यक्ष कंचन सिंह, शांति सिंह परिहार एनजीओ की उपाध्यक्ष, कामिनी सिंह एनजीओ की कोषाध्यक्ष, राजबहादुर सिंह अभिनव पहल एनजीओ के सहायक सचिव, मालती पत्नी आरबी सिंह, निशा सिंह पत्नी पुष्पराज सिंह एनजीओ की सदस्य एवं अन्य के विरुद्ध भादवि की धारा ४०९, ४२०, ४६७, ४६८, ४७१, १२०बी और १३(१)(ए) एवं १३(२) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सीधी में छात्रवृत्ति के नाम पर एनजीओ की मदद से अनियमितता की गई थी। जिसमें आजाक और नोडल कालेज के जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध है। इसलिए एनजीओ संचालकों सहित दस जिम्मेदारों पर एफआइआर दर्ज की गई है, विस्तृत विवेचना में यदि और नाम आएंगे तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।

वीरेन्द्र जैन, एसपी इओडब्ल्यू रीवा


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