REWA : होलिका दहन आज, कल बरसेगा रंग : जगह-जगह रंग-गुलाल की व्यापारियों ने लगाई दुकानें

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रीवा. होली के पर्व को लेकर घर-घर में तैयारी चल रही है। बच्चों से लेकर बड़े - बुजुर्ग सभी त्योहार की तैयारी में जुटे हुए हैं। चारों और खुशी का माहौल है। लोगों ने बाजार में जमकर खरीदी की। बच्चे भी अपने पेरेंट्स के साथ मार्केट पहुंचे और अपने पसंद की पिचकारी सहित रंग-गुलाल की खरीदी की। हर दुकान पर ग्राहकों की भीड़ रही। 

खासकार महिलाएं एवं बच्चे ज्यादा संख्या में खरीददारी के लिए मार्केट पहुंचे। बच्चों की पसंद को देखते हुए व्यापारियों ने भी आकर्षक पिचकारी दुकान में लगा रखी थी। अपनी पसंद की पिचकारी खरीदने की जिद बच्चे माता-पिता से करते रहे। पिचकारियों की नई वैराटियां आई हैं। इसमें पॉवर थ्रो पिचकारियां ज्यादा पसंद की जा रही है। पारंपरिक पिचकारियों के साथ ही कार्टून वाली पिचकारियां पसंद की जा रही हैं। दुकानों में सजे विभिन्न रंग लोगों को आकर्षित कर रहे थे। रंग-गुलाल के साथ ही मिठाई की दुकानों में भी लोगों की काफी भीड़ रही। लोग मावा एवं मिठाई की खरीदी कर रहे हैं। मांग को देखते हुए मावा व्यापारियों ने पहले से ही स्टाक जमा कर रखा है। मांग ज्यादा होने एवं भीड़ की वजह से ग्राहक शुद्धता का भी ख्याल नहीं रख पा रहे हैं। इसके साथ ही अन्य किराना सामग्री की खरीदी इन दिनों बाजार में ज्यादा हो रही है।

आज होगा होलिका दहन

बुराई की प्रतीक होलिका का दहन रविवार को जगह-जगह किया जाएगा। इसके लिए बच्चों में सबसे ज्यादा उत्साह है और वे इधर-उधर से लकड़ियां एकत्रित करके होलिका तैयार कर रहे हैं। तो वहीं फोर्ट रोड में होलिका की प्रतिमा भी कागज से कारीगरों द्वारा तैयार की गई है। लकड़ियों के ढेर के बीच होलिका की प्रतिमा का भी दहन किया जाएगा। होलिका दहन को लेकर ऐसी किवदंती है कि राजा हिरणाकश्यप ने अपने ही पुत्र भगवान भक्त प्रहलाद को अपनी बहन होलिका की गोंद में बैठाकर लकड़ियों के ढेर में बैठाया था और आग लगवा दी थी। बताया गया है कि होलिका को आग छू नहीं पाएगी ऐसा, वरदान था। लेकिन भगवान भक्त प्रहलाद जल्द ही होलिका के बीच सुरक्षित रहे। जबकि बुराई का साथ देने वाली होलिका उस आग में जलकर भस्म हो गई थी। तब से बुराई का प्रतीक होलिका दहन किया जा रहा है।

कल बरसेगा रंग

होलिका दहन के बाद रंग का पर्व शुरू होगा और लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जहां इस पर्व की शुभकामना देंगे वहीं तरह-तरह के रंग एक-दूसरे को लगाएंगे। इसके लिए तैयारी भी घर-घर में की जा रही। शहर में युवा वर्ग डीजे की धुन पर इस पर्व को नाचते-गाते हुए मनाएंगे। शहर के फोर्ट रोड सहित कई ऐसे स्थान है जहां होली मंडलियों द्वारा रंगों से भरी मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। पर्व के दौरान ग्रामीण अंचल सहित शहरी क्षेत्र में फाग गीतों के भी आयोजन हो रहे हैं। विभिन्ना्‌ मंडलियों द्वारा फाग गीतों की प्रस्तुति भी न सिर्फ दी जा रही है बल्कि फाग प्रतियोगिताएं भी आयोजित रंग पंचमी पर्व तक की जाएंगी। फाग गीतों को लेकर विंध्य क्षेत्र में वर्षो से अलग ही परम्परा रही है। इस दौरान लोग ढोल, नगड़िया की धुन में फाग गीत को गाते हुए पूरा उत्सव मनाएंगे।

पर्व पर भारी पड़ेगा नियम

लोकसभा के चलते जारी आर्दश आचार संहिता तथा बोर्ड परीक्षा को लेकर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रो को उपयोग प्रतिबंधित है। ऐसे में होलिका दहन के दौरान डीजे बजाने के दौरान पुलिस की दखलन दाजी सामने आ सकती है। होलिका दहन रात में होने के कारण देर रात तक युवा वर्ग के साथ ही आम जन भी जश्न डीजे के धुन पर मनाते है। लेकिन इस वर्ष डीजे प्रमियो को समस्या आऐगी।

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