REWA : मप्र अग्रवाल महिला महासभा रीवा ने हर्षोल्लास के साथ किया फागुन का स्वागत

रीवा। मध्यप्रदेश अग्रवाल महिला महासभा इकाई रीवा द्वारा स्थानीय चंद्रलोक होटल परिसर में होली मिलन समारोह का कार्यक्रम किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत कुलदेवी माता महालक्ष्‌मी की प्रतिमा में दीपप्रज्वलन मध्यप्रदेश अग्रवाल महिला महासभा की प्रदेश अध्यक्ष मीना बंसल एवं संभागीय अध्यक्ष रीवा अर्चना अग्रवाल के द्वारा की गई।तत्पश्चात धूप,आरती के साथ माँ लक्ष्‌मी की वंदना के लिए सभी महिलाओं ने एक स्वर में गायन किया।उपरांत मुख्य अतिथि श्रीमती बंसल का पुष्प गुच्छ के साथ अबीर,गुलाल लगाकर स्वागत किया।सभी महिलाओं ने एक दूसरे को रंग गुलाल अबीर लगाकर आने वाले फ़ागुन की शुरुआत की गई। राधा-कृष्ण की वेशभूषा में बृज के गीतों में स्वरूप बनी गोपियों ने नृत्य करके फ़ागुन के स्वागत को भावविभोर कर दिया।रंग बिरंगे परिधानों से सुसज्जित महिलाओं ने मनोरंजनात्मक गेम में हौजी का आनंद उठाया गया।

जिसमें प्रथम रुचि अग्रवाल,सेकंड विनर गीतिका डालमिया रहीं।1 मिनट की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।होली की मस्ती में धहोली खेले रघुवीरा अवध मेंधआज बृज में होली है रसिया,होली खेले नंदलाल,होलिया में उड़े रे गुलाल आदि गीतों में विशेष फूलों की वर्षा करके झूमझूम कर होली खेली गई।सभी को मनमोहक मटकी से सजाकर गुलाल,अबीर,पिचकारी भी गिफ़्‌ट किया गया।इस शुभ अवसर पर मीना बंसल ने कहा किराग-रंग का यह लोकप्रिय पर्व वसंत का संदेशवाहक भी है।राग अर्थात संगीत और रंग तो इसके प्रमुख अंग हैं ही पर इनको उत्कर्ष तक पहुँचाने वाली प्रकृति भी इस समय रंग-बिरंगे यौवन के साथ अपनी चरम अवस्था पर होती है।फाल्गुन माह में मनाए जाने के कारण इसे फाल्गुनी भी कहते हैं। 

होली का त्यौहार वसंत पंचमी से ही आरंभ हो जाता है।उसी दिन पहली बार गुलाल उडाया जाता है।इस दिन से फाग और धमार का गाना प्रारंभ हो जाता है। खेतों में सरसों खिल उठती है।बाग-बगीचों में फूलों की आकर्षक छटा छा जाती है। पेड पौधे,पशु-पक्षी और मनुष्य सब उल्लास से परिपूर्ण हो जाते हैं। खेतों में गेहूँ की बालियाँ इठलाने लगती हैं। बच्चे-बूढ़े सभी व्यक्ति सब कुछ संकोच और रूढयिाँ भूलकर ढोलक-झाँझ-मंजीरों की धुन के साथ नृत्य-संगीत व रंगों में डूब जाते हैं।

चारों तरफ रंगों की फुहार फूट पडती है।गुझिया होली का प्रमुख पकवान है जो कि मावा (खोया) और मैदा से बनती है और मेवाओं से युक्त होती है इस दिन कांजी के बडे खाने व खिलाने का भी रिवाज है। नए कपडे पहन कर होली की शाम को लोग एक दूसरे के घर होली मिलने जाते है जहाँ उनका स्वागत गुझिया,नमकीन व ठंडाई से किया जाता है।होली के दिन आम्र मंजरी तथा चंदन को मिलाकर खाने का बडा महत्व है।

ये रही उपस्थित

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष गीता अग्रवाल,राखी अग्रवाल,अनिता अग्रवाल,संध्या अग्रवाल,स्वाति अग्रवाल,मीरा अग्रवाल,रितु अग्रवाल,खुशबू पोद्दार, निशा अग्रवाल,रक्षा अग्रवाल,अंजू अग्रवाल,शिप्रा अग्रवाल,आकांक्षा अग्रवाल,सरिका अग्रवाल,उमा बंसल, लता संथालिया,अदिति अग्रवाल,अंजू अग्रवाल,ममता बंसल, उषा अग्रवाल,शैलजा, स्वाति अग्रवाल,अंजू अग्रवाल, स्वेता गोयल,रुचि अग्रवाल,गीतिका अग्रवाल,रानू अग्रवाल, निहारिका अग्रवाल,श्रेया अग्रवाल,वैष्णवी अग्रवाल आदि महिलाओं ने भरपूर इंजॉय किया।कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी मनोज अग्रवाल ने दी।

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