कोरोना के चलते इन राज्‍यों में बंद रहेंगे स्‍कूल, यहां खोलने की तैयारी

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देश में इन दिनों फिर से कोरोनावायरस का संक्रमण फैल रहा है। महाराष्‍ट्र में तो कई शहरों में स्‍कूल-कॉलेज 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। मध्‍य प्रदेश में इंदौर-भोपाल में रात के कर्फ्यू पर विचार चल रहा है। इंदौर और भोपाल में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फ‍िलहाल स्कूल बंद रहेंगे। यहां स्‍कूल खोलने को लेकर बाद में फैसला लिया जाएगा। कई राज्‍यों ने अपने यहां स्‍कूल खोलने के फैसले को वापस लेकर स्‍कूल बंद कर दिए हैं। ऑनलाइन क्‍लासेस चल रही हैं। भले ही सरकार ने नागालैंड में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा अभी तक शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू करने की तारीख तय नहीं की गई है, हालांकि जल्द ही इसकी घोषणा होने की उम्मीद है। भारत में सभी स्कूल, कॉलेजों को 24 मार्च 2020 को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद बंद कर दिया था। हालांकि, स्कूलों और कॉलेजों को कोरोनोवायरस मामलों में गिरावट के साथ अक्टूबर से फिर से खोलने की अनुमति दी गई थी। इस बीच कुछ राज्‍यों ने अपने यहां प्राइमरी और मिडिल स्‍कूलों को खोलने की योजना बनाई है। आइये जानते हैं किस राज्‍य में क्‍या हालात हैं।

मध्‍य प्रदेश Madhya Pradesh

मप्र में 1 अप्रैल से स्‍कूल खुलेंगे। स्कूल शिक्षा राज्‍यमंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि एक अप्रैल से नया शिक्षण सत्र शुरू होता है, इसलिए विभाग ने भी निर्णय लिया है कि पहली से आठवीं तक के स्कूलों में कक्षाएं लगाई जाएंगी। अगर कोरोना संक्रमण बढ़ा तो तत्कालीन स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। बच्‍चों को स्‍कूल भेजने के लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। मप्र में भी स्कूल निरंतर खोलने को लेकर निजी स्कूल संचालक मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूल तो खोले जा रहे हैं, लेकिन अभिभावक और शिक्षकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। सरकारी स्कूलों में तो बच्‍चों की संख्या कम है, लेकिन जहां बच्चों की संख्या ज्यादा है, वहां दो पालियों में भी स्कूल खोले जा सकते हैं। सुरक्षित शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए सभी स्कूल खोले जाएं। लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत ने आदेश जारी कर दिया है कि 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं अब सुबह नौ से पांच बजे तक नियमित रूप से लगाई जाएंगी।

उत्‍तर प्रदेश Uttar Pradesh

परिषदीय व उच्च परिषदीय विद्यालय पहली मार्च 2021 में खुले तो अब उत्सव की तैयारी की जा रही। 13 मार्च को स्‍कूलों में शिक्षा चौपाल लगाने के साथ अभिभावकों से भी संवाद स्थापित करने का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके लिए विद्यालयों में शिक्षकों ने तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना संक्रमण काल में सभी स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए थे। हालांकि स्थितियां ठीक हुईं तो सरकार ने पहले 10 फरवरी से उच्च परिषदीय विद्यालयों का संचालन शुरू किया और फिर एक मार्च से कक्षा एक से लेकर पांचवीं तक की कक्षाएं शुरू हो गईं। अब कोरोना महामारी के चलते जो बदलाव हुए हैं, उन पर हर स्कूल में पहले उत्सव मनाने की तैयारी है। 13 मार्च को प्रेरणा ज्ञानोत्सव संगोष्ठी नाम से होने वाले इस कार्यक्रम के तहत हर स्कूल में शिक्षा चौपाल लगेगी। शिक्षक, बच्चों व अभिभावकों से संवाद करेंगे।

पंजाब Punjab

राज्य भर में COVID-19 मामलों में तेजी को देखते हुए, पंजाब शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को सरकारी और निजी स्कूलों में सभी कक्षाओं के लिए "Preparatory Leaves" यानी आरंभिक अवकाश घोषित कर दिया। हालांकि, राज्य के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने घोषणा करते हुए कहा कि शिक्षक स्कूलों में मौजूद रहेंगे, यह कहते हुए कि छात्र स्कूलों में आकर कोई मार्गदर्शन ले सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि परीक्षा ऑफ़लाइन मोड में आयोजित की जाएगी, यह कहते हुए कि राज्य सरकार जल्द ही मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और इसके लिए दिशा-निर्देश जारी करेगी। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने पहले परीक्षा कार्यक्रम जारी किया था, कहा कि कक्षा 5 के लिए परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होंगी, कक्षा 8 और 12 के लिए 22 मार्च से और मैट्रिक की परीक्षाएं 9 अप्रैल से शुरू होंगी। तारीखों के अनुसार, कक्षा 6, 7, 9 और 11 की परीक्षाएं 15 मार्च से शुरू होंगी और कक्षा 1 से 4 के लिए परीक्षाएं 17 मार्च से शुरू होंगी।

नगालैंड Nagaland

नागालैंड की सरकार ने पिछले महीने राज्य में कोविद -19 की स्थिति में सुधार के बाद प्राथमिक कक्षाओं यानी कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है। यहां फिर से खुलने वाले स्कूलों के लिए एसओपी जारी होगी।मुख्यमंत्री नीफियू रियो की अध्यक्षता में कोविद -19 पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने गुरुवार को आयोजित अपनी बैठक के दौरान, कक्षा 1 से 5 के छात्रों के लिए प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोलने की अनुमति दी। अगले 10 दिनों के भीतर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के परामर्श से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के साथ अधिसूचना जारी की जाएगी। कई अभिभावक और शिक्षक वार्षिक अंतिम परीक्षा के आयोजन के कारण स्कूलों को फिर से खोलने पर जोर दे रहे थे। छात्रों ने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी के लिए शारीरिक कक्षाएं आवश्यक हैं और इस प्रकार, सरकार ने पहले उच्च कक्षाओं के लिए स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया।

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