INDORE : कार से इंदौर ला रहे थे सात किलो सोना, तीन तस्कर गिरफ्तार

इंदौर/ डायरेक्टोरेट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआइ) ने करीब सात किलो सोने के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। विदेशी सोने को तस्करी कर स्थानीय बाजार में खपाने के लिए लाया गया था। इंदौर-धार हाइवे पर रविवार को डीआरआइ की इंदौर जोनल यूनिट ने खुफिया सूचना के आधार पर आपरेशन को अंजाम दिया। सोना ला रहे दो लोगों के साथ इंदौर के एक सराफा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। सोने के बिस्किट विदेशी बताए जा रहे हैं।

डीआरआइ इंदौर जोनल यूनिट से मिली जानकारी के मुताबिक, धार की ओर से इंदौर आ रही कार को इंदौर के बाहरी क्षेत्र में डीआरआइ की टीम ने रोका। कार में दो व्यक्ति सवार थे। कार की जांच करने पर सीट के नीचे खास तरह से बनाई गई खोखली जगह में सोना छिपाकर रखा गया था। कार में सोने के 69 बिस्किट मिले। प्रत्येक का वजन 100 ग्राम है। बरामद सोने की कुल कीमत 3.18 करोड़ रुपये आंकी गई है।

कार में सवार दोनों व्यक्तियों ने डीआरआइ टीम के सामने अपना अपराध कुबूल लिया। दोनों तस्करों की निशानदेही पर डीआरआइ ने एक सराफा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। वह सोने का खरीदार बताया जा रहा है। डीआरआइ अब विदेश से सोना तस्करी कर भारत में लाने वाले और तस्करी के इस नेटवर्क के अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। दो साल में ही डीआरआइ की इंदौर जोनल यूनिट करीब 20 किलो सोना पकड़ चुकी है।

रामचंद्र नगर के व्यापारी को देने आए थे सोना

धार की ओर से सोना लेकर आ रहे दोनों आरोपितों के नाम अजयकुमार पुत्र देवचंद और नासिर मेव पुत्र मोहम्मद रजाक है। अजय आष्टा जिला सिहोर के खामखेड़ा गांव का रहने वाला है, जबकि नासिर गांधीनगर (इंदौर) निवासी है। दोनों एयरपोर्ट रोड स्थित रामचंद्र नगर एक्सटेंशन में रहने वाले व्यापारी गौरव जैन पुत्र महेंद्र कुमार को सोना देने आ रहे थे। डीआरआइ ने तीनों के खिलाफ 135 कस्टम एक्ट में कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस बीच तस्करी के गिरोह से जुड़ा इनका एक और साथी फरार बताया जा रहा है।

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