MP : डाक्टरों ने बिना चीर-फाड़ 18 साल की लड़की के लिवर से निकाली डेढ़ किलो वजनी गठान

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18 साल की मेहरून्निशा सीने में दर्द की शिकायत से परेशान थी। जब स्वजन लड़की को जेएएच लेकर पहुंचे तो जांच में पता चला कि लिवर में डेढ़ किलो वजनी गठान है। डाक्टरों ने लड़की की कम उम्र को देखते हुए बिना चीर-फाड़ किए गठान को निकालने का निर्णय लिया। इसके बाद दूरबीन पद्धति से सर्जरी करके गठान को बाहर निकाल दिया गया।

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मुरैना निवासी मेहरून्निशा जब परिजन जेएएच के सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा एमएम मुद्गल के पास चेकअप के लिए पहुंचे तो उन्होंने जांच कराने के लिए कहा। जब जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि लड़की के लिवर में बारह सेमी लंबी और नौ सेमी चौड़ी डेढ़ किलो वजनी हाइडेटिड सिस्ट है। इसे निकालने के लिए आमतौर पर डाक्टर सर्जरी करते हैं। इसमें मरीज को टांके तो लगते ही हैं, साथ ही उसे करीब तीन चार सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। इस सर्जरी में संक्रमण फैलने से जान का भी खतरा रहता है। 

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इसके चलते डा एमएम मुद्गल ने लड़की की सर्जरी दूरबीन पद्धति से करने का निर्णय लिया। जेएएच के सर्जरी विभाग के डा मुद्गल ने दो घंटे के आपरेशन के बाद लड़की के लिवर से इस गठान को बिना चीर-फाड़ के निकाल दिया। साथ ही मरीज को तीन दिन बार डिस्चार्ज भी कर दिया गया। यह आपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क किया गया है। दरअसल हाइडेटिड सिस्ट एक प्रकार के कीड़े की बीमारी है। इसका संक्रमण भेड़ या श्वान के संपर्क में आने से मनुष्य को हो जाता है। इस तरह की सिस्ट लिवर में होने पर मरीज को सीने में बार-बार दर्द होता है और बैचेनी व घबराहट महसूस होती है।

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