REWA : मुखबिर की सूचना पर लोर पुलिस की दबिश, 130 किलो प्रतिबंधित गांजा जब्त

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रीवा। मुखबिर की सटीक सूचना के चलते एक बार फिर जिले की लोर पुलिस ने घेराबंदी कर एक कार को जब्त किया है कार से तकरीबन 130 किलो प्रतिबंधित गाजा जब्त किया गया है जिसकी अनुमानित कीमत तकरीबन 13 लाख रुपये की जा रही है। जबकि अंधेरे का लाभ उठाकर प्रतिबंधित गांजा का परिवहन कर रहे। गांजा तस्कर लव कुश जायसवाल मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने लवकुश जसवाल सहित अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

होली को देखते हुए आई खेप

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कप्तान राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लगातार प्रतिबंधित गाजर के विरुद्ध मुहिम चलाई जा रही है जानकारी मिली थी कि होली के त्यौहार को देखते हुए गांजे की खेप मंगाई गई थी। समय पर सूचना मिलने पर उक्त कार्रवाई की गई है।

अन्य की तलाश

मिली जानकारी में बताया गया है कि प्रतिबंधित गांजा की खेप देवतालाब में देनी थी। जिसके कारण तस्कर कार से गांजे का अवैध परिवहन करते ही देवतालाब में पकड़े गए हैं पकड़े गए गांजे का वजन कराया गया है मामले की जांच की जा रही है।

उड़ीसा से आई खेप

मिली जानकारी में बताया गया है कि उक्त गांजे की खेप उड़ीसा से मंगाई गई थी जिसके पीछे का उद्देश्य यह था कि होली के त्यौहार में जहां नशे की काफी डिमांड होती है वहीं मध्य प्रदेश की सीमा से लगे हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं जिसके कारण गांजा की न केवल कीमत ठीक-ठाक हो गई है बल्कि डिमांड भी ज्यादा है इसे देखकर भी गांजा तस्करों द्वारा उक्त खेप देवतालाब से हनुमाना बॉर्डर से होते हुए यूपी ले जाने की बात प्रकाश में आई है।

सायबर की भूमिका

बता दें कि इन दिनों पुलिस मुखबिर से लोकेशन नहीं बल्कि मोबाइल नंबर पता कर रही है जानकार बताते हैं कि लगातार साइबर सेल की मदद से गांजा तस्करों की बातचीत पुलिस सुन रही है जिसका नतीजा यह हो रहा है कि जैसे ही खेप जिले के अंदर पहुंचती है पुलिस घेराबंदी कर उसे पकड़ लेती है इतना ही नहीं पुलिस ने अब थाना वार छोटे-छोटे गांजा व्यापारियों को भी चिन्हित कर लिया है उनके यहां पकड़े गए गांजे के बाद बड़े तस्करों के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया जा रहा है यही कारण है कि रीवा जिला सहित संभाग गाजा की धरपकड़ काफी तेज हो गई है।

ठेकेदार पुलिस के साथ

गांजा की धरपकड़ में भले ही पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन हकीकत यह है कि इन दिनों पूरे प्रदेश के साथ ही रीवा में ही शराब ठेका एक ठेकेदार के हाथ में आ गया है ऐसे में शराब के अलावा कोई दूसरा नशा बिकता है तो नुकसान ठेकेदार को हो इसलिए ठेकेदार के लोग ही पुलिस की मुखबिर शुरु कर दी है। जिसके कारण पुलिस के पास न केवल सूचनाओं का अंबार है बल्कि उन्हें सफलता भी मिल रही है हालांकि पुराने पुलिसकर्मी पूरे मामले को कांटा से कांटा निकालने की मुहिम करार दे रहे हैं।

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