MP : रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दो लोगों पर केस, मेडिकल भी सील

इंदौर। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दो आरोपित गिरीश गर्ग और भरत चौधरी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। दोनों आरोपित भंवरकुआं क्षेत्र में गतिक फार्मेसी मेडिकल का संचालन करते हैं। आरोपितों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। औषध‍ि विभाग ने कालाबाजारी करने के मामले में मेडिकल भी सील कर दी है।

भंवरकुआं थाना पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को तहसीलदार सुदीप मीणा के साथ खाद्य एवं औषध‍ि विभाग को निरीक्षक पीके डोंगरे, लोकेश गुप्ता, अनुमेघ और विवेक कौशल ने मेडिकल स्टोर पर छापेमार कार्रवाई की। खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि मेडिकल संचालक महंगे दामों में कालाबाजारी कर रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच रहा है। बाजार में कमी होने के बावजूद भी संचालक ने रेमडेसिविर इंजेक्शन छिपाकर, उनका स्टाक कर रखा है।

औषधि निरीक्षकों ने जब मेडिकल स्टोर की जांच की तो वहां 28 रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले। ये इंजेक्शन 11 अप्रैल 2021 को आए थे। पुलिस ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड बहुत अधिक है, इसके बावजूद भी मेडिकल संचालक ने इन्हे अब तक नहीं बेचा।

रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त कर उन्हे पास के निजी अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिए हैं। पुलिस ने बताया कि मेडिकल का मालिक गिरीश शर्मा है, जबकि उसका संचालक भरत चौधरी कर रहा था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।

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