REWA : ढेरा हत्याकांड : घर बचाने के चक्कर में आरोपित ने किया एसपी कार्यालय में सरेंडर : जानिए पूरा मामला

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रीवा। जिले के मऊगंज थाना अंतर्गत ग्राम ढेरा में हुई अशोक गुप्ता की हत्या के मामले में 3 दिनों से फरार चल रहे आरोपित नवीन शुक्ला उर्फ सोनू में बुधवार की देर दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सरेंडर कर दिया है सरेंडर किए जाने के बाद उसने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए बताया कि उसे बेवजह हत्या जैसे जघन्य अपराध में आरोपी बना दिया गया है जबकि हकीकत यह है कि मृतक अशोक गुप्ता राजेश गुप्ता सहित अन्य चार लोगों ने उस पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया था जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे इलाज के लिए मऊगंज पुलिस ने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊगंज में भर्ती कराया था जहां से उसे सैया गांधी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था विगत 2 दिनों से संजय गांधी अस्पताल में इलाज करा रहा था जैसे ही उसे पता चला कि उसे 302 का आरोपी बना दिया गया है तो वह पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहता था हालांकि कार्यालय में आरोपित को पाकर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह द्वारा आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी गई है। मऊगंज पुलिस नवीन शुक्ला को अपने साथ ले जाकर पूछताछ में जुट गई है. 

क्या था मामला

बता दें कि गत सोमवार को होली के दौरान सभी रंग खेल रहे थे इसी बीच नवीन शुक्ला उर्फ सोनू अपने घर से होली मिलन के लिए बाहर निकला था जैसे ही वह मुलायम खान नामक युवक के दुकान के पास पहुंचा उसी समय अशोक गुप्ता सहित अन्य चार लोगों ने उस पर रॉड से हमला कर दिया था उक्त मारपीट में जहां अशोक गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई थी वहीं अन्य लोग घायल हुए थे सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने कुल 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया था जिसमें 7 लोगों की विदाई सोमवार की देर रात कर ली गई थी वही नवीन शुक्ला नामक युवक फरार कराने का आरोप पुलिस पर ही लगा रहे थे इसके बाद से पुलिस लगातार नवीन शुक्ला की तलाश कर रही थी नवीन शुक्ला ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सरेंडर कर दिया है।

इसलिए सरेंडर

जानकारों का मानना है कि नवीन शुक्ला को यह आभास हो गया था कि उसके द्वारा गांव के समीप सरकारी जमीन पर बनाए गए मकान और दुकान को पुलिस किसी भी समय अतिक्रमण बताकर तोड़ सकती लिहाजा नवीन शुक्ला को वकील के माध्यम से पता चला कि अगर वह सरेंडर कर देता है तो शायद उसका बनाया हुआ मकान और दुकान ना टूटे जिसको लेकर उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सरेंडर भी किया हालांकि जब तक वह सरेंडर कर अपनी बात पुलिस अधीक्षक के समक्ष रख पाता उसके पहले ही मऊगंज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस कर्मियों की उपस्थिति में उसके मकान और दुकान को जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया था आदेश एसडीएम मऊगंज ए पी दुबे द्वारा जारी किया गया था जैसे ही नवीन शुक्ला को पता चला उसका मकान व दुकान तोड़ दिया गया है चक्कर खाकर कार्यालय में गिर गया हालांकि गस्त आने की घटना पर पुलिस पर्दा डाल रही है।

चर्चा यह भी 

पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो घटना रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल के ग्रह ग्राम के होने के कारण पुलिस भी पूरे मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी। पहले तो नवीन शुक्ला को आरोपी बनाने से पुलिस कतरा रही थी हालांकि मृतक के स्वजनों द्वारा लगाए गए आरोप के बाद पुलिस ने नवीन शुक्ला को भी बना दिया था हालांकि नवीन शुक्ला ने बयान में साफ तौर पर कहा है कि घटनास्थल से उसे उठाकर पुलिस ही लाई थी जो पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाद में संजय गांधी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। सवाल यह उठता है कि पुलिस को यह पता था कि वह फरार नहीं है तो लगातार पुलिस उसे फरार क्यों बता रही थी।

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