REWA : आक्सीजन उत्पादन में रीवा को आत्मीनिर्भर बनाने विचार-विमर्श : पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल


रीवा। पूर्व मंत्री एवं विधायक रीवा राजेंद्र शुक्ल ने मरीजों को आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने एवं भविष्य में आक्सीजन की आवश्यकता पर विचार करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। राजनिवास में आयोजित बैठक में रीवा संभाग के प्रभारी कमिश्नर अनिल सुचारी, कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, उद्योगपति तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में तय किया गया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न अस्पतालों में आक्सीजन की आवश्यकता एवं मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आक्सीजन उत्पादन के मामले में रीवा जिले को शीघ्र ही आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। अन्यथा आने वाले समय में आक्सीजन की आवश्यकता के अनुपात में बाहर की आपूर्ति से संभव नहीं हो पाएगा। स्थिति को देखते हुए बैठक में यह तय किया गया कि संजय गांधी चिकित्सालय परिसर में आक्सीजन उत्पादन के लिए एक प्लांट तत्काल लगाया जाना आवश्यक है। यहां 90 लाख रुपये की लागत का एक प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसे एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ कर दिया जाएगा।

मदद करने आगे आए

इस प्लांट की स्थापना के लिए प्रारंभिक रूप में वीटीएल रीवा ने 15 लाख, गोयल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने 10 लाख, रविशंकर पाण्डेय ने 10 लाख, पाथ हाइवे ने 10 लाख, समदड़िया ग्रुप ने 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का आश्वासन दिया है। पूर्व मंत्री श्री शुक्ल ने शहर के युवा उद्यमियों से भी अपील की है कि वे चोरहटा औद्योगिक क्षेत्र में अपने स्वयं के निजी प्लांट लगाने के लिए पहल करें। शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा उन्हें प्लांट लगाने में हर संभव सहयोग तत्काल प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस प्रस्ताव पर विजय कुमार मिश्रा एवं क्लासिक इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप ने 90 लाख रुपये का निवेश पार्टनरशिप में करते हुए प्लांट लगाने की अपनी सहमति प्रदान की। प्रभारी कमिश्नर तथा कलेक्टर ने इस पर उन्हें औद्योगिक क्षेत्र चोरहटा में तत्काल जमीन उपलब्ध कराने एवं प्लांट स्थापित करने के लिए आवश्यक अन्य शासकीय औपचारिकताओं की पूर्ति करने का आश्वासन प्रदान किया।

बनेगे दोनों आक्सीजन प्लांट

बैठक में पूर्व मंत्री श्री शुक्ल ने 90-90 लाख रुपये की लागत के दोनों आक्सीजन प्लांट ( संजय गांधी चिकित्सालय परिसर एवं आद्योगिक क्षेत्र चोरहटा में) क्रमशः एक एवं दो सप्ताह के भीतर प्रारंभ करने को कहा। बैठक में श्री शुक्ल ने कहा कि हम सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं कि निजी निवेश एवं उद्योगपतियों के सीएसआर मद से तैयार किए जाने वाले दोनो आक्सीजन प्लांट शीघ्र आक्सीजन उत्पादन करना प्रारंभ कर देंगे। बैठक में उपस्थित जिला प्रशासन के अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं उद्योगपतियों द्वारा इस पुनीत कार्य में पूरा सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया गया। श्री शुक्ल ने सामाजिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे आमजन में जागरूकता एवं भयमुक्त वातावरण निर्मित कर कोरोना के सामान्य संक्रमण की दशा में उचित आयुर्वेदिक एवं एलोपैथिक उपचार घर पर ही प्रारंभ करने के लिए प्रेरित करें।

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