MP शिक्षक पात्रता भर्ती परीक्षा : एक साथ एक सत्र में दो डिग्री करने वाले अभ्यार्थियों के दस्तावेज नहीं होंगे मान्य

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मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा पास करने वाले एक साथ एक सत्र में दो डिग्री करने वाले अभ्यार्थियों के मामले To be Reject और To be Hold पर रखा गया है। इसी तरह के कुछ और मामलों को अलग-अलग श्रेणी में बांटकर उन्हें रोका गया है। इन सभी का निराकरण अंतिम चयन सूची में किया जाएगा। शेष दस्तावेज सत्यापन की कार्रवाई सत्यापन अधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी नियम निर्देशों को संज्ञान में लेकर दस्तावेज सत्यापन का कार्य किया जाए। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय जयश्री कियावत ने दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत 30,594 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जाना है।

एक ही सत्र में दो डिग्री

यूजीसी से एक साथ एक ही सत्र में 2 डिग्री अर्जित करने को मान्य करने की अनुशंसा की गई है, लेकिन भारत सरकार द्वारा अनुमोदन नहीं होने से यूजीसी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार एक ही क्षेत्र में 2 डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में प्रस्तुत प्रमाण पत्र मान योग्य नहीं होंगे।

तृतीय श्रेणी में स्नातकोत्तर की डिग्री होना

मध्य प्रदेश राज्य स्कूल सेवा शर्तों एवं भर्ती नियम 2018 की अनुसूची 3 में उच्च माध्यमिक शिक्षक पद की शैक्षणिक अर्हता संबंधित विषय में द्वितीय श्रेणी में स्नातकोत्तर उपाधि के साथ B.Ed या उसके समकक्ष योग्यता निहित है। अतः स्नातकोत्तर उपाधि में द्वितीय श्रेणी के अभ्यर्थी ही उच्च माध्यमिक शिक्षक पद हेतु पात्रता धारी होगा। तृतीय श्रेणी के अभ्यर्थी की स्नातकोत्तर उपाधि मान्य नहीं है। अंकसूची पर द्वितीय श्रेणी लिखा हो वही मान्य होगा।

स्नातकोत्तर डिग्री के विषय में

विषयों के अनुसार ही उच्च माध्यमिक शिक्षक पद हेतु स्नातकोत्तर की डिग्री मान्य की जाएगी। PEB द्वारा जारी रूल बुक में भी शासन के परिपत्र अनुसार स्नातकोत्तर विषय मान्य करने का लेख है।

अतिथि शिक्षक के साथ-साथ डिग्री अर्जित करना

यदि अतिथि शिक्षक ने जिस स्थान पर अतिथि शिक्षक के रूप में अध्यापन कार्य किया है, उसी मुख्यालय से नियमित छात्र के रूप में डिग्री प्राप्त की है, तो उस उसकी अभ्यर्थिता अतिथि शिक्षक के लिए मान्य की जाएगी।

जिन अतिथि शिक्षकों ने जिस स्थान पर अतिथि शिक्षक के रूप में अध्यापन का कार्य किया है और उसी मुख्यालय से भिन्न स्थान से नियमित छात्र के रूप में उपाधि प्राप्त की है, तो उपाधि उपाधि अर्जित करने की अवधि को गणना में नहीं लिया जाएगा। इस अवधि को छोड़कर शेष अवधि में न्यूनतम 3 शैक्षणिक सत्र एवं 200 दिवस शासकीय स्कूलों में अध्ययन कार्य किया गया है, तो अतिथि शिक्षक की अतिथि शिक्षक के रूप में अभ्यर्थिता मान्य की जाएगी।

यदि अतिथि शिक्षक द्वारा अतिथि शिक्षक अध्यापन के साथ-साथ मुख्यालय से भिन्न स्थान से नियमित उपाधि प्राप्त की है और अतिथि शिक्षक के पास उन्हीं 3 शैक्षणिक सत्र में 200 दिवस का अध्यापन कार्य का अनुभव है, तो उस अतिथि शिक्षक के अनुभव का लाभ प्रदान नहीं किया जावेगा। उसकी अभ्यर्थिता गैर अतिथि शिक्षक भर्ती हेतु मन्य की जाएगी।

अतिथि शिक्षक से संबंधित

ऐसे अतिथि शिक्षक जिनके द्वारा तीन शैक्षणिक सत्र तथा 200 दशकों का अनुभव प्रमाण पत्र सत्यापन के समय प्रस्तुत नहीं किया गया है, तो उसकी अभ्यर्थिता अतिथि शिक्षक के लिए मान्य नहीं की जाकर गैर अतिथि शिक्षक श्रेणी में अभ्यर्थिता मान्य की जाएगी।

भर्ती के लिए जारी विज्ञापन डिग्री लेने पर

उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक पद पर भर्ती हेतु विज्ञापन के अनुसार अभ्यर्थी को अथवा इसके पूर्व वांछित शैक्षणिक एवं व्यवसायिक योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य है

ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र

अभ्यर्थी द्वारा दस्तावेज अपलोड के समय प्रस्तुत ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र को मान्य किया जाएगा। चाहे उसकी वैधता की समय सीमा समाप्त हो चुकी है।पोर्टल पर अभिलेख अपलोड नहीं होने के कारण ऐसे अभ्यार्थी जिनके द्वारा किन्हीं कारणवश दस्तावेज पोर्टल पर अपडेट नहीं किए गए थे, उन अभ्यर्थियों को विज्ञप्ति जारी कर दस्तावेज उपलब्ध अपलोड करने के लिए अवसर दिया गया। इसके बावजूद भी किसी अभ्यर्थी के द्वारा दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया और उनके पास मान्य दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो उस दस्तावेज को सत्यापन अधिकारी द्वारा मान्य कर अभ्यर्थिता मान्य किया जाकर दस्तावेज अपलोड करने के लिए प्रस्ताव संचालकों प्रेषित किया जावे।

शासकीय सेवा में कार्यरत अभ्यर्थी

स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा यदि अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है, तो मान्य किया जाएगा।

अन्य विभागों के कर्मचारियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र अथवा त्यागपत्र ज्वाइनिंग तिथि के पूर्व प्रस्तुत करना होगा। त्यागपत्र की स्थिति में पूर्व सेवाओं का लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा।

प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करना

मध्य प्रदेश के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने अथवा अन्य राज्य का आरक्षित श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने पर आवेदक की अभ्यर्थिता आरक्षित अभ्यर्थी हेतु मान्य नहीं होगी। ऐसे अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी में मान्य होगा।

अन्य राज्य के अभ्यर्थी मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार का आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है।

दिव्यांग का प्रमाण पत्र जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया गया होगा।

शैक्षणिक एवं व्यवसायिक योग्यता

यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर, स्नातक उपाधि एवं एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से प्राप्त शैक्षणिक योगिता की अंक सूची मान्य होगी।

आयु संबंधी दस्तावेज

मध्य प्रदेश के बाहर के अन्य राज्यों के शिक्षक मंडल से कक्षा 10वीं और 12वीं की ऐसी अंक सूची धारण करता है, जिसमें उसकी जन्मतिथि अंकित नहीं है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित राज्य में जन्मतिथि मान्य किए जाने के संबंध में उस राज्य में जन्मतिथि मान किए जाने के संबंध में जिन दस्तावेजों को मान्य किया जाता है, उससे संबंधित प्रमाण पत्र आयु से संबंधित मान्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही दस्तावेज मान्य किए जाएंगे।

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