REWA : पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ला और रीवा कलेक्टर की सक्रियता से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नया आक्सीजन प्लांट शुरू

रीवा। पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ला और कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी की सक्रियता से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगकर तैयार हो गया। दावा किया जा रहा है कि श्यामशाह मेडिकल कॉलेज प्रदेश भर में इकलौता ऐसा मेडिकल कॉलेज बन गया जहां आक्सीजन प्लांट लग कर तैयार हुआ। प्लांट लगाने का कार्य सोमवार की सुबह से चालू हुआ जो लगातार जारी रहा और बुधवार की दोपहर तीन बजे प्लांट लगकर तैयार हो गया। इसे लगाने के लिए पूरी टीम आई हुई थी। वहीं इस कार्य में सहयोग करने के लिए विद्युत यांत्रिकी और पीडल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्लांट लगाने का कार्य पूर्ण हो गया।अब इंस्टालेशन टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है।

इसमें छह से आठ घंटे का समय लगने की जानकारी प्राप्त हुई है।सूत्रों का कहना है कि बुधवार की देर रात्रि तक इससे प्रोडक्शन शुरू हो जायेगा।अभी फिलहाल टेस्टिंग के द्वारा आक्सीजन की प्योरिटी की जांच की जा रही है।

आक्सीजन की प्योरिटी

बताया गया है उक्त प्लांट से बनने वाली आक्सीजन की प्योरिटी 95 प्रतिशत रहेगी, जिसे अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए आपूर्ति की जाएगी।

हफ्ते भर पहले मीटिंग में लिया गया था निर्णय

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण काल में हर जगह आक्सीजन की किल्लत है। विषम परिस्थितियों को भांपते हुए पिछले सोमवार को मेडिकल कालेज में आयोजित बैठक में रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ला और कलेक्टर डा इलैया राजा ने अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगवाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए जनभागीदारी बजट से खर्च करने की बात भी हुई थी। कलेक्टर ने लिए गए निर्णय पर अमल किया और हफ्ते भर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगकर तैयार हो गया।

सौ आक्सीजन सिलेण्डर होंगे तैयार

बताया गया है कि इस आक्सीजन प्लांट से प्रतिदिन 100 आक्सीजन सिलेण्डर तैयार किये जायेंगे जो अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए प्राणवायु का काम करेंगे। विशेषतौर पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में गंभीर मरीजों को आक्सीजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा वहीं जरूरत पडे पर संजय गांधी अस्पताल के लिए भी आक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी।

आक्सीजन प्लांट को सुधारने की क़वायद

संजय गांधी अस्पताल में वर्ष 2002 में आक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था जो मेंटीनेंस के अभाव में खराब पड़ा हुआ है। अब इसके सुधरवाने की चर्चा है. इसके लिए दिल्ली से इंजीनियर भी बुलवाये गए हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि दिल्ली से आये इंजीनियरों द्वारा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में लगे प्लांट को संचालित करवायेंगे उसके बाद खराब पड़े पुराने प्लांट को भी सुधारने का काम करेंगे।

लापरवाही का नतीजा

उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन की लापरवाही के चलते अस्पताल में लगा प्लांट खराब पड़ा रहा। इसे सुधरवाने की सुध किसी जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी तक नहीं ली। चोरहटा में नया प्लांट लगाने की कवायद जरूर तेज है। यदि मरम्मत के अभाव मे खराब पड़े, प्लांट को भी सुधरवा लिया जाए तो बहुत हद तक रीवा जिले को हो रही आक्सीजन की किल्लत से निजात मिलेगी।

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