रेलवे ने खोजा अनोख़ा तरीका : कल से भोपाल स्टेशन के छह नंबर प्लेटफॉर्म पर 22 कोच की ट्रेन में शुरू होगी आइसोलेट व्यवस्था

कोविड के बिगड़े हालात के बीच भोपाल के अस्पतालों में कम पड़ते बेड के कारण रेलवे ने तरीका खोजा है। भोपाल स्टेशन के छह नंबर प्लेटफॉर्म पर रविवार से शुरू होने वाले आइसोलेशन ट्रेन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शनिवार को अफसरों ने इसका निरीक्षण कर व्यवस्था के पुख्ता होने की जानकारी ली।

करीब 22 कोच की ट्रेन भोपाल स्टेशन के प्लेटफाॅर्म नंबर छह पर खड़ी कर दी गई है। इसमें शुरुआती तौर पर 160 लोगों के आइसोलेट होने की व्यवस्था की गई है। आगे चलकर इसे 292 मरीजों तक विस्तारित करने की योजना है। कोविड के ऐसे शुरुआती मरीज, जिन्हें अस्पताल में आइसोलेशन के लिए बेड नहीं मिल पा रहा है। घरों पर भी व्यवस्था नहीं है, रेलवे ने ये ट्रेन आइसोलेशन कोच समर्पित किया है। यहां आइसोलेट होने वाले मरीजों के लिए डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था रहेगी। साथ ही, इनके खानपान आदि के इंतजाम भी हैं। प्लेटफॉर्म समेत पूरे क्षेत्र में सफाई की व्यवस्था भी की गई है।

पर्दे में छह नंबर प्लेटफॉर्म

आइसोलेट कोच के पहुंचने के साथ ही प्लेटफॉर्म नंबर छह के एरिया को कनात लगाकर कवर कर दिया गया है। प्लेटफॉर्म पर सफाई की बेहतर व्यवस्था है। रेल कोच में मौजूद बर्थ को हॉस्पिटल बेड की तरह आकार दिया गया है। साथ ही, ठंडी हवा के लिए कोच की खिड़की के बाहर की तरफ छोटे कूलर लगाए गए हैं। गर्मी में तपिश से बचाने के लिए ट्रेन की छत पर खस की चादर भी बिछा दी गई है, जिसे पानी से ठंडा किया जाता रहेगा। आइसोलेशन कोच के रूप में विकसित करने के बाद आम लोगों और यात्रियों की एंट्री प्रतिबंधित होगी। स्टेशन के बाकी प्लेटफॉर्म पर आवाजाही के लिए एक नंबर प्लेटफॉर्म का उपयोग करना होगा।

जब तक हालात, तब तक सुविधा

रविवार से शुरू होने वाले इस नायाब आइसोलेशन सेंटर की अवधि कब तक रहेगी, के सवाल पर अफसरों का कहना है कि ईश्वर जब तक हालात दुरुस्त न कर दें, तब तक ये व्यवस्था जारी रहेगी। रेलवे द्वारा कोरोना मरीजों को दी गई इस सुविधा को संचालित करने में स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन भी सहयोग कर रहा है।

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