REWA : संजय गाँधी अस्पताल में एक सप्ताह पहले भर्ती जिंदा जलाई गई रेप पीड़ित ने तोडा दम , 80% से ज्यादा जली थी पीड़ित

   

रीवा। एक सप्ताह पहले घर में सोते समय जिंदा जलाई गई रेप पीड़ित जिंदगी की जंग हार गई। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पीड़ित ने संजय गांधी अस्पताल में दम तोड़ दिया। पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पहले ही दर्ज कर लिया था। रेप के आरोपी को ही संदिग्ध माना गया था। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस हत्या की धारा बढ़ाकर गिरफ्तारी कर सकती है।

ये है मामला

पीड़ित के मुताबिक रात में पीड़ित घर में सो रही थी। माता-पिता आंगन में और भाई बगल के कमरे में सो रहा था। रात करीब 3 बजे उसके कमरे में आग जलने लगी। आग लगने से पहले केरोसिन डाला गया था। ऐसे में आग तेजी से धधक उठी। लपटों के बीच माता.पिता बेटी की चीख सुनकर दौड़े। इसी बीच उन्होंने आग लगाने वाले को ​भी देखा। अगर घर वाले आरोपी को पकड़ते, तो बेटी जिंदा जल जाती। उन्होंने जैसे-तैसे बेटी को बचाया। हालांकि तब तक वह झुलस चुकी थी। आनन-फानन में परिजन मऊगंज अस्पताल ले गए। यहां से संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां एक सप्ताह से उपचार चल रहा था।

2017 में हुआ था रेप

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2017 में जब युवती नाबालिग थी, तब गांव के युवक ने उसका यौन शोषण किया था। जब वह गर्भवती हो गई, तो घरवालों को पता चला। बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म का केस दर्ज कर आरोपी को जेल भे​ज दिया। दो साल बाद आरोपी को अप्रैल 2020 में जमानत मिल गई। मृतका की मां के मुताबिक आरोपी बेटी को मारने की कोशिश कर रहा था। वह कई बार धमकी भी दे चुका था।

पांच वर्षीय बेटी का क्या कसूर

मृतका की मां का कहना है, पीड़ित ने बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची पीड़ित के साथ ही रहती थी। उसकी उम्र करीब 5 साल है। पीड़ित की मौत से उसके सिर से मां की ममता का आंचल भी छीन लिया। बच्ची अब पूछ रही है कि उसका क्या कसूर।

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