REWA : करहिया मंडी में नियमों की उड़ रही धज्जियां : कलेक्टर के निर्देश पर जलपान गृह को जिला प्रशासन ने कराया सीज

रीवा शहर के करहिया स्थित कृषि उपज मंडी में कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन का मामला सामने आया है। यहां का मंडी ​सचिव जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं करा पा रहा था। ऐसे में मंडी के अंदर डंके की चोंट में जलपान गृह संचालित हो रहा था। जहां पर सुबह-शाम सैकड़ों किसान और व्यापारी भाई सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अवेलना करते हुए नास्ता करते थे। एक दिन पहले भी तहसीलदार आरपी त्रिपाठी ने मंडी सचिव को जलपान गृह बंद कराने के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद सोमवार की सुबह 8 बजे जिला प्रशासन को करहिया मंडी के जलपान गृह में भीड़ उमड़ने की सूचना मिली। जानकारी के बाद 9 बजे एसडीएम शैलेंद्र सिंह और हुजूर तहसीलदार आरपी त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मंडी पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने कोरोना कर्फ्यू के दौरान लागू धारा 144 का हवाला देते हुए जलपान गृह खुले मिलने पर महामारी अधिनियम की धारा 188 के तहत सीजिंग की कार्रवाई की गई।

मंडी में उमड़ती थी अव्यवस्थाओं की भीड़

बता दें कि करहिया में कृषि उपज मंडी और महामारी के दौरान अस्थाई सब्जी मंडी बनाई गई है। जहां गांव से लेकर शहर भर के व्यापारी, किसान और सब्जी, फल के फुटकर और थोक व्यापारियों की भीड़ लगती थी। जिला प्रशासन ने सब्जी और फल व्यापारियों को सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक व्यापार के लिए छूट दी हुई थी। ऐसे में भीड़ को देखते हुए कैंटीन संचालक की चांदी ​थी। रोजाना हजारों लोगों के पहुंचने पर अच्छा व्यापार चल रहा था।

करहिया मंडी में ग्राहकों की भीड़

मंडी के अंदर चाय नास्ता का कोई दूसरा साधन भी नहीं

क्योंकि मंडी के अंदर चाय नास्ता का कोई दूसरा साधन भी नहीं था। ऐसे में जलपान गृह संचालक मंडी सचिव की मर्जी से कैंटीन संचालिक कर रहा था। हालांकि दूर दराज से आने वाले लोगों के लिए नास्ते का कोई दूसरा विकल्प भी नहीं था। ऐसे में मंडी सचिव ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ज्यादा अडंगा नहीं लगाया। लेकिन जिला प्रशासन को ये बात खटकती गई। अंत: बड़े विरोध के बाद 10 बजे कैंटीन संचालक को शटर गिराना पड़ा।

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