STF की बड़ी कार्यवाही : संक्रमितों मरीजों का इंजेक्शन चुरा कर कालाबाजारी करने वाले निजी अस्पतालों के दो डॉक्टरों समेत पांच लोग गिरफ्तार

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जबलपुर। प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत के बीच गुरुवार को जबलपुर एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। शहर के दो निजी अस्पताल आशीष व मेडीसिटी के दो डॉक्टरों समेत पांच लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में गिरफ्तार किया। आरोपी मरीजों का इंजेक्शन चुरा कर 19 हजार रुपए में बेचते थे।

जबलपुर एसटीएफ के एसपी नीरज सोनी ने बताया, एडीजी वीके माहेश्वरी ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसी क्रम में 19 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि दो लोग सतपुड़ा जीसीएफ फैक्टरी के पास इंजेक्शन 19 हजार रुपए में बेचने के लिए ग्राहक ढूंढ रहे हैं। बाजार में इंजेक्शन की किल्लत और खुले में इस तरह 19 हजार रुपए में बेचे जाने की खबर चौंकाने वाली थी। एक सिपाही को ग्राहक बनाकर भेजा गया।

सिपाही ने ग्राहक बनकर किया सौदा

एसपी नीरज सोनी के मुताबिक सिपाही ने ग्राहक बनकर मौके पर मौजूद गंगानगर गढ़ा निवासी सुधीर उर्फ राहुल सोनी और राहुल विश्वकर्मा से बात की। दोनों ने दो इंजेक्शन 19 हजार रुपए में उपलब्ध कराए। इसके बाद एसटीएफ ने दोनों को दबोच लिया। पूछताछ के आधार पर दोनों ने बताया कि उक्त इंजेक्शन उन्हें दीक्षितपुरा निवासी राकेश मालवीय ने बेचने के लिए दिया था। टीम ने उसे भी दबोच लिया।

दो प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों की भूमिका आई सामने

एसटीएफ ने राकेश को दबोचा तो अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन की होने वाली कालाबाजारी का सच सामने आया। राकेश ने बताया कि उसे उक्त इंजेक्शन आशीष हास्पिटल में काम करने वाले दीक्षितपुरा निवासी डॉक्टर नीरज साहू ने दिए थे। एसटीएफ ने नीरज को गिरफ्तार किया। नीरज ने बताया कि लाईफ मेडीसिटी हॉस्पिटल में कार्यरत विजय नगर निवासी डॉक्टर जितेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने यहां इलाजरत मरीजों को लगने वाले कुछ इंजेक्शन बचा लिया था। उसी को उसने बेचने के लिए उक्त लोगों को दिया था।

किल्लत के बाद शुरू हुई कालाबाजारी

रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत के बाद दोनों डॉक्टरों ने इंजेक्शन बेचने का गोरखधंधा शुरू किया था। एसटीएफ ने आरोपियों के पास से कुल चार रेमडेसिविर इंजेक्शन, 6 मोबाइल और 10 हजार 400 रुपए नकदी सहित डॉक्टर जितेंद्र सिंह ठाकुर की कार एमपी 20 सीके 0830 को जब्त कर लिया। आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 188, 34 भादवि, 1680, 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम और 1955 की धारा 3 महामारी अधिनियम 1897 का प्रकरण दर्ज करते हुए रिमांड पर लिया है।

खुलासा करने वाली टीम होगी पुरस्कृत

एसपी सोनी ने बताया कि इस खुलासे में डीएसपी ललित कुमार कश्यप, टीआई गनेश सिंह ठाकुर, एसआई मुनेंद्र कौशिक, निसार अली, रघुवीर सिंह सरौते, गजेंद्र बागरी, प्रधान आरक्षक संपूर्णानंद, आरक्षक राजन पांडे, ओमप्रकाश, गोविंद सूर्यवंशी, राहुल रघुवंशी, जितेंद्र त्यागी, ऋषिकेश गुर्जर, मनीष तिवारी की मुख्य भूमिका रही। टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।

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