MP : सिस्टम ने हाथ खड़े किए : खंडवा में ऑक्सीजन बेड खत्म, अस्पताल के बरामदे में तड़प रहे मरीज; डीन बोले - ऐसे हालात में परिजन खुद करें व्यवस्था

कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मरीज इलाज के लिए परेशान है पर सिस्टम बेपरवाह बना हुआ है। ऑक्सीजन की कमी के बाद अब खंडवा के कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन बेड खत्म हो गए हैं। यहां कोरोना मरीज अस्पताल के बाहर बरामदे में तड़प रहे हैं। इंदौर की स्थिति भी बिगड़ गई, जिससे परिजन उन्हें नहीं ले जा पा रहे हैं। मामले में मेडिकल कॉलेज के डीन का कहना है कि हमारे पास वाकई में ऑक्सीजन बेड नहीं है। इधर, मंत्री-कलेक्टर कोविड की बेहतर स्थिति को लेकर दावे करते हैं।

गुरुवार रात 9.30 बजे के करीब भास्कर टीम कोविड अस्पताल पहुंची। यहां बरामदे दो कोरोना संक्रमित मरीज तड़प रहें थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ऑक्सीजन बेड की कमी बताकर उन्हें भर्ती नहीं कर रहा हैं। छनेरा निवासी मरीज देवीसिंह नागोरे पिता किशनलाल (56) के परिजन ने बताया वे देवीसिंह को घबराहट होने पर निजी अस्पताल लेकर गए थे। वहां मेडिकल जांच में रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। ऑक्सीजन सेचुरेशन 60 प्रतिशत से कम था। डॉक्टरों ने कोविड अस्पताल में भर्ती कराने को कहा, लेकिन यहां आए तो ऑक्सीजन बेड पूरी तरह फूल बताएं जा रहें हैं। शाम 5 बजे से गंभीर हालात में मरीज कोविड अस्पताल के बाहर तड़प रहा हैं।

इसी तरह बोरगांव बुजुर्ग निवासी सुमनबाई गंगराड़े के परिजन ने बताया वे शाम 6 बजे से अस्पताल के बाहर बैठे हैं। पेशेंट की स्थिति गंभीर हैं, ऑक्सीजन नहीं मिली तो हाल बुरे हो सकते हैं। डॉक्टर भर्ती के लिए मना कर रहें हैं।

प्रभारी मंत्री और कलेक्टर बन रहे अनजान

कोविड की भयावह स्थिति के बाद भी खंडवा में कलेक्टर और प्रभारी मंत्री विजय शाह अंजान बने हुए हैं। बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस में वे बेहतर स्थिति का दावा करते रहें। पत्रकारों ने असलियत बताई तो कलेक्टर और प्रेस कान्फ्रेंस छोड़कर चले गए थे। अब हालात बिगड़ते देख 7 दिन का कोरोना कर्फ्यू लगा दिया।

परिजन खुद कहीं ओर ले जाएं

वाकई कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन बेड की कमी हैं। इस समस्या को लेकर हम कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में परिजन को स्वयं किसी अस्पताल में संपर्क करके वहां ले जाना चाहिए।

अनंत पंवार, डीन, मेडिकल कॉलेज, खंडवा

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