REWA : शादी में फोटो खींचने के लिए दूल्हे ने कैमरा लूटने की बनाई योजना, 15 दिन पहले पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

रीवा। पन्द्रह दिन बाद होने वाली शादी में फोटो खींचने के लिए दूल्हे ने कैमरा लूटने की योजना बना डाली। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे अंजाम भी दे दिया लेकिन दूल्हा बनने से पहले ही पुलिस ने उसे पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

फोटो खींचने के बहाने बुलवाकर की थी लूट

घटना का सच सामने आने के बाद खुद पुलिस भी हैरान है। संजय कुमार साहू पिता खुशीलाल 19 वर्ष निवासी सहिजना थाना गोविन्दगढ़ को आरोपियों ने फोटो खींचने के बहाने 9 अप्रैल को रेलवे स्टेशन के आगे स्थित ओवरब्रिज के पास बुलवाया था। पांच बदमाशों ने उस पर हमला कर कैमरा छीन लिया और मौके से फरार हो गए। युवक की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश कर रही थी। एक बदमाश की पहचान प्रभाकर सिंह 20 वर्ष निवासी बीरखाम थाना चोरहटा के रूप में हुई।

घेराबंदी करके आरोपी को पकड़ा

पुलिस ने गांव में घेराबंदी करके आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही प र पुलिस ने साथी विकास मिश्रा 19 वर्ष निवासी शाहपुर थाना सेमरिया को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से लूटा गया कैमरा बरामद हो गया है। इस घटना में शामिल तीन आरोपी अभी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है।

29 अप्रैल को होनी है शादी

घटना के मुख्य आरोपी प्रभाकर सिंह की 29 अप्रैल को शादी होने वाली थी। शादी में फोटो खींचने के लिए उसे कैमरे की आवश्यकता थी जिसके लिए उसने लूट की योजना बनाई और अपने साथियों के साथ मिलकर उसे अंजाम भी दे दिया। हालांकि शादी होने से पहले ही वह गिरफ्तार हो गया। पकड़े गए दोनों बदमाशों को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर दिया है।

फर्जी सिम से पीडि़त को लगाया था फोन

पकड़े गए बदमाश ने फर्जी सिम से पीडि़त को फोन किया था। सहिजना गांव के एक बदमाश को फोन लगाया था जिससे पीडि़त का नम्बर मिला। उसने फर्जी नम्बर से पीडि़त को फोन लगाया और उसे फोटो खींचने के बहाने बुलवा लिया। उनके नापाक इरादों से अनजान पीडि़त रेलवे स्टेशन के आगे ओवरब्रिज के पास पहुंचा जहां बदमाशों ने लूट लिया।

फर्जी सिम ने ही बदमाशों तक पहुंचायाचोरहटा पुलिस ने किया लूट का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

इस फर्जी सिम ने ही पुलिस को बदमाशोंं तक पहुंचा दिया। थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि प्रभाकर सिंह ने गांव के एक दूसरे युवक के नाम पर सिम ली थी। पुलिस ने जब उसको पकड़ा तो युवक ने अपनी सिम गुमने और उक्त सिम प्रभाकर सिंह के द्वारा उपयोग करेन की जानकारी दी। युवक ने जब उससे मिस उपयोग करने के बारे में पूंछा तो उसने सिम के बदले 200 रुपए का कर्जा माफ कर दिया। इसका उपयोग सिर्फ वह अपराध के लिए करता था। पुलिस ने साइबर की मदद से उक्त नम्बर का लोकेशन ट्रेस किया जिसके आधार पर आरोपी पकड़ गया।

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