CORONA VACCINATION : 18 से उपर वालों का टीकाकरण तय समय पर शुरू होना मुश्किल; वैक्सीन की कमी को देखते हुए 18+ वालों को कम से कम डेढ़ महीने तक करना पढ़ सकता है इंतज़ार



एक मई से देशभर में 18 से उपर वालों का भी टीकाकरण शुरू हो जाएगा। यूपी, एमपी, बिहार और कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ ने फ्री वैक्सीनेशन की घोषणा कर दी है, पर प्रदेश में इस आयु वर्ग के 3 करोड़ लोग असमंजस में हैं।

वजह- फ्री वैक्सीनेशन को लेकर राज्य सरकार केंद्र की ओर देख रही है। इसके अलावा टीके की नई कीमतों पर भी विवाद है। केंद्र यदि फ्री वैक्सीन देने के लिए नहीं माना तो राजस्थान समेत अन्य राज्यों के सीएम संयुक्त तौर पर पीएम के सामने बात रख सकते हैं। कंपनी से भी कीमत को लेकर मोलभाव होगा। बुकिंग और उत्पादन में भी समय लगेगा। ऐसे में जून से पहले प्रदेश में 18+ वालों का वैक्सीनेशन संभव नहीं।

अभी 45 से उपर वालों के लिए ही वैक्सीन नहीं है, 18 से उपर वालों को भी लगाने हैं तो 6 माह में 100 करोड़ डोज चाहिए

18 से उपर वालों का रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा? वैक्सीनेशन में कितना समय लगेगा‌?

टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन 28 अप्रैल से शुरू होगा लेकिन वैक्सीनेशन कब से हाेगा, यह तय नहीं। राज्य सरकार का तर्क है कि राजस्थान का बजट पास हो चुका है। उसमें वैक्सीनेशन के लिए बजट का प्रावधान नहीं है, जबकि केंद्र ने आम बजट में वैक्सीनेशन के लिए 35000 करोड़ रु. का प्रावधान किया था। राज्य वैक्सीनेशन के लिए अलग से बजट प्रावधान करता है तो दूसरी योजनाओं पर सीधा असर पड़ेगा। खासकर दूसरी लहर में पाबंदियां लगाने पर राज्य की आय कम हो गई है।

क्या वैक्सीनेशन मुफ्त लगेगी?

प्रदेश में फ्री वैक्सीनेशन को लेकर भी अभी कुछ तय नहीं हुआ। राज्य सरकार असमंजस में है। सरकार के एक्सपर्ट हर पहलुओं को अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि, उम्मीद है कि राज्य के ज्यादातर नागरिकों का फ्री वैक्सीनेशन होगा।

क्या राज्य सरकार वैक्सीन के दाम को लेकर कंपनियों से नेगोशिएट करेगी?

दबाव बनाने के बावजूद केंद्र ने यदि 18+ वालों के लिए फ्री वैक्सीनेशन का ऐलान नहीं किया तो राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, झारखंड सहित अन्य गैरभाजपा शासित राज्य कंपनियों से वैक्सीनेशन के रेट को नेगोशिएट करेंगे।

देश में 18+ वालों को टीके के लिए कब तक इंतजार करना पड़ सकता है?

45+ वालों के वैक्सीनेशन के लिए ही टीके कम हैं।वैक्सीन की कमी को देखते हुए 18+ वालों को कम से कम डेढ़ महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। जिन राज्यों ने फ्री वैक्सीनेशन का ऐलान किया है, वहां भी वैक्सीन लगाने का काम जून में ही शुरू हो पाएगा। क्योंकि वैक्सीन का उत्पादन भी अभी कम है।

पोलियाे उन्मूलन की तरह ये वैक्सीनेशन अभियान केंद्र को ही चलाना चाहिए

राज्य सरकारों पर वैक्सीनेशन का भार डालना गलत है। पोलियो उन्मूलन सहित तमाम टीकाकरण अभियान केंद्र सरकारों ने चलाए हैं। वैक्सीनेशन उत्पादन बढ़ाने के लिए और कंपनियों को लाइसेंस देना चाहिए। छह माह में 100 करोड़ डोज बनानी होंगी, तभी तीसरी लहर से बच सकते हैं।

अरविंद माया राम, आर्थिक सलाहकार, सीएम राजस्थान

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