MP : 654 बिजली कर्मियों को कोरोना संक्रमित इलाकों में बिना सुरक्षा उपकरण के करना पड़ रहा काम; मास्क, सैनिटाइजर की कोई व्यवस्था नहीं



जबलपुर। कोरोना महामारी में सैकड़ों बिजली कर्मी संक्रमित होने के बावजूद उनकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों को कोरोना संक्रमित इलाकों में काम बिना सुरक्षा उपकरण के करना पड़ रहा है। उनके पास मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं है। जबकि कंपनी प्रबंधन ने 20 लाख रुपये से ज्यादा सिर्फ मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने के लिए कार्यपालन अभियंताओं केा जारी किए है। 654 कर्मचारियों को ये सामग्री बांटी जानी है। इधर संक्रमण के चलते बिजली कर्मचारियों में भय व्याप्त है। मैदानी अमले को सुरक्षा उपकरण व मास्क न दिए जाने से इनमें आक्रोश भी व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि भरी दोपहरी बिना सुरक्षा उपकरण के बिजली के पोल पर चढ़कर काम करने मजबूर हो रहे हैं।

इस संबंध में तकनीकी कर्मचारी संघ के हरेंद्र श्रीवास्तव, शशि उपाध्याय, मदन पटेल का कहना है कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा 16 अप्रैल को 20 लाख 82 हजार रुपए आवंटित किए गए हैं। जिसमें प्रत्येक कार्यपालन अभियंता को 3-3 हजार रुपए देने के आदेश दिए गए थे जिससे वे अपने कर्मचारियों को मास्क व सेनिटाइजर खरीद कर देंगे। मगर 13 दिन बीतने के बाद भी अभी तक किसी कर्मचारी को सेनिटाइजर व मास्क का वितरण नहीं किया गया है। फील्ड कर्मचारी स्वयं के व्यय से इन सुरक्षा सामग्री को खरीदकर उपयोग में ला रहे हैं।

तकनीकी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व क्षेत्र के अंतर्गत सभी जिलों में नियमित, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी 40 डिग्री तापमान में काम कर रहे हैं इसके बाद भी इन्हें किसी प्रकार का सुरक्षा उपकरण नहीं दिया जा रहा है। संघ के हरेंद्र श्रीवास्तव,रमेश रजक, केएन लोखंडे, एसके मोरिया, घनश्याम चौरसिया, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, जेके कोष्ठा, शशि उपाध्याय, महेश पटेल आदि के द्वारा जमीनी अधिकारियों से मांग की गई है कि नियमित संविदा आउट सोर्स के कर्मचारियों को मार्क्स सैनिटाइजर आदि तत्काल दिया जाए।

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