REWA : बीजेपी पार्टी के दो विधायक की मौजूदगी में धारा 144 का खुला उल्लंघन : स्वयंबर मैरिज हाल के संचालक सहित आयोजक पर FIR दर्ज

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रीवा। रीवा के स्वयंबर हाल में उड़ी कोरोना कर्फ्यू की धज्जियां बीजेपी के दो-दो विधायक की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम। लगभग 300 से ज्यादा की संख्या में पहुंची थी भीड़ उधर शहर में पुलिस लोगों को करा रही थी लॉकडाउन का पालन और इधर बीजेपी पार्टी के सेमरिया और सिरमौर विधानसभा के विधायक की मौजूदगी में चल रहा रहा था कार्यक्रम। 

वही जब इस बात की जानकारी सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के आम आदमी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रमोद शर्मा को हुई तो उन्हों ने तत्काल ही धारा 144 के उलंघन की जानकारी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए वहीं प्रमोद शर्मा के द्वारा बताया गया की ये बहुत ही शर्मनाक हरकत है रीवा सहित संपूर्ण विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रहा है जहा विगत 1 हफ्ते से कोरोना के मरीज रीवा में 80 के पार मिल रहे हैं जिसके बाद प्रशासन के द्वारा लॉकडाउन लगा दिया गया है उसके बाद भी शहर के  विवाह घर में बीजेपी पार्टी के दो दो विधायकों की मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो कि बेहद ही निंदनीय है स्वयंबर हॉल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जानकर आश्चर्य हो रहा कि ये संभव कैसे हो सकता है। बीजेपी के दो दो विधायक सेमरिया, सिरमौर दिब्यराज सिंह , के पी त्रिपाठी के उपस्थिति में ऐसा हो रहा है। 

करोना लांक डाउन का उल्लंघन जिला प्रशासन की गाइड लाइन का कैसे होगा पालन

मध्य प्रदेश ग्रृह विभाग की गाइड लाइन व जिला क्राइसिस समिति के दो सदस्यों ने धारा 144 को भंग कर पचास से अधिक उपस्थित लोगों के कार्यक्रम में मंचासीन रहे, जबकि शनिवार एवं रविवार को रीवा जिला शहरी क्षेत्र में लांक डाउन डा इलैया राजा टी कलेक्टर द्वारा लागू किया गया था, पूरा जिला घरों में कैद महामारी से बचाव में सहभागी बन रहा था लेकिन सत्ता पक्ष के विधायकों ने  इस  व्यवस्था का उल्लघंन करके साबित कर दिया है की कोई नियम कानून हमारी तरफ नहीं लागू होता है।  

वाक्या है रीवा शहर के स्वयंबर विवाह घर में एक संगीत कार्यक्रम का जिस अवसर पर सेमरिया विधायक कृष्ण पति त्रिपाठी, सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह, पूर्व महापौर बीरेंद्र गुप्ता, सहित आयोजन समिति लगभग तीन सौ की संख्या में आम श्रोताओं की उपस्थिति रही। 

इस कार्यक्रम की अनुमति अगर पूर्व से थी तो लांकडाउन होने पर अनुमति स्वमेव निरस्त हो जाती है। 

जिला प्रशासन एस डी एम या पुलिस  इस कार्यक्रम में दखल कैसे डाल सकती है जब क्राईसिस समिति के दो सदस्यों की उपस्थिति है, लॉकडाउन अवधि में किसी आयोजन में दो विधायकों का  शामिल होना इस ओर इंगित करता है कि सब कुछ हम है, कोई क्या कर सकता है या फिर दोनों  पूर्व में करोना पाज़िटिव रहने के बाद भी इस बीमारी को लेकर समाज व अपने दायित्वों से अनभिज्ञ हैं। 

हालांकि ऐसे आयोजन के बाद अगर जिला प्रशासन अनभिज्ञ हैं तो यह भी मानना लाजिमी है कि सिर्फ यह नियम सामान्य व्यक्ति के लिए है, शादी समारोह, मृत्यु भोज के लिए है, पावरफुल लोग कुछ भी कर सकते है। 

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