MP : कोरोना से मरने वालों के परिवार को सरकार की ओर से 1 लाख रुपए मुआवजा तो सरकारी कर्मचारी के परिजनों को 5 लाख व एक सदस्य को अनुकंपा नौकरी

मध्य प्रदेश में कोरोना से मरने वालों के परिवार को सरकार की ओर से 1 लाख रुपए मुआवजा राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर से लौटने के बाद गुरुवार देर शाम भाजपा विधायकों की वर्चुअल बैठक में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसको लेकर नियम बनाए जाएंगे। दो दिन पहले ही सरकार ने कोरोना से मरने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को अनुकंपा नौकरी देने का फैसला लिया था।

अनुकंपा नियुक्ति योजना एक मार्च 2021 से 30 जून 2021 तक ही लागू रहेगी। इसी प्रकार मुआवजा योजना 30 मार्च 2021 से 31 जुलाई 2021 तक लागू रहेगी।

50 दिन में मध्यप्रदेश में 1597 लोगों की मौत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 30 मार्च से 19 मई 2021 तक राज्य में कोरोना से 1597 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सामान्य व्यक्ति की मौत पर परिवार को मुआवजा राशि कितने दिनों में मिलेगी, यह समय अवधि फिलहाल तय नहीं है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष मुआवजा योजना के नियम ही यहां भी लागू रहेंगे।

राज्य सरकार ने कोरोना से मरने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य के सरकारी कर्मचारियों की कोरोना से मौत होने पर उनके परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति’ योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत मृतक कर्मचारी के परिवार के एक पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।

दिल्ली में 50 हजार रुपए, बच्चों को हर महीने 2500 रुपए की पेंशन

मध्य प्रदेश सरकार से पहले दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने यह योजना लागू कर दी है। जिसके तहत दिल्ली के हर उस परिवार को सरकार की तरफ से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसमें किसी भी मौत कोविड-19 के कारण हुई है। साथ ही, जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मौत महामारी के कारण हुई है। उन्हें भी हर महीने 2500 रुपए पेंशन और मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।

प्रधानमंत्री से की बात, ब्लैक फंगस का हाल बताया.. इस बीच सीएम ने ब्लैक फंगस को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। साथ ही प्रदेश में इसके ताजा हालात, इलाज की तैयारी और दवाओं की उपलब्धता के बारे में बताया।

यह हो सकता है योजना का प्रारूप

स्कीम में सिर्फ दूसरी लहर के मृतक ही शामिल होंगे। पहली लहर के नहीं।

परिवार में जितने मृतक, उन सभी को एक-एक लाख रुपए के हिसाब से राशि दी जा सकती है।

सरकारी आंकड़ों में जो मृतक हैं वे तो पात्र होंगे ही, बाकी के मामले में जिला प्रशासन स्तर पर प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था हो सकती है।

जिन्हें दूसरी योजना में मदद मिली है, उन्हें अनुग्रह राशि मिलेगी या नहीं, इसका फैसला चर्चा के बाद सरकार लेगी।

5000 से कम हुए नए संक्रमित

राज्य में कोरोना के नए प्रकरण पांच हजार से भी कम हो गए हैं। जिन जिलों में केस अभी कम नहीं हुए हैं, वहां क्षेत्रवार रणनीति बनाकर काम किया जाएगा। लोगों की जांच के साथ कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन होगा। भोपाल में कुछ दिनों से 650 से 700 के बीच प्रकरण आ रहे हैं। सीएम ने कहा कि अब एरिया स्पेसिफिक प्लान पर काम करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों की पॉजिटिविटी दर 2.9 प्रतिशत है। शहरी क्षेत्रों में आज 4.1 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर आई है।

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